सिक्किम के नामची जिले में एक निर्माणाधीन सुरंग ढहने की घटना हुई है। इस हादसे में अब तक 9 मजदूरों की मौत हो चुकी है। बचाव कार्य अभी भी जारी है और कई अन्य लोग अंदर फंसे हुए बताए जा रहे हैं। घटना एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में सोमवार को हुई।
9 मजदूरों की मौत की पुष्टि
नामची जिला प्रशासन ने मंगलवार सुबह 10:20 बजे तक की जानकारी में 9 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि सुरंग के अंदर अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं। जिला कलेक्टर अनूपा टमलिंग ने बताया कि करीब 27 मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका है। हालांकि, अंदर की सही स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है।
एनडीआरएफ की टीम सुरंग में दाखिल हो चुकी है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही फंसे लोगों की सही संख्या और हालत की पुष्टि हो पाएगी।
बचाव अभियान कैसे चल रहा है
रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। नामची जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए), सिक्किम पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम हो रहा है। पाक्योंग और सिलीगुड़ी से एनडीआरएफ की टीमें भी शामिल हैं।
सभी एजेंसियां फंसे हुए बाकी मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग खुद बचाव कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए और काम में तेजी लाई जाए।
प्रधानमंत्री मोदी बोले-हर मदद देंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात की। उन्होंने हादसे की जानकारी ली और केंद्र सरकार की तरफ से हर जरूरी मदद देने का आश्वासन दिया। पीएम मोदी ने प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई।
मुख्यमंत्री तमांग ने प्रधानमंत्री के त्वरित हस्तक्षेप और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में केंद्र का साथ राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री का बयान
सीएम तमांग ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के प्रति दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूरी राज्य की जनता शोक में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने सभी से अपील की कि अफवाहों से बचें, शांति बनाए रखें और प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना करें। राज्य सरकार बचाव कार्य को पूरा करने और परिवारों को हर संभव सहायता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। एसएसडीएमए स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर नई जानकारी जारी की जाएगी।

















