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विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बन रहा उत्तराखंड, चारधाम समेत अन्य मंदिरों में रिकॉर्ड श्रद्धालु, PM मोदी का जताया आभार

उत्तराखंड में धार्मिक यात्राएं बढ़ी, धारी देवी में दोगुना और पूर्णागिरि धाम में डेढ़ गुना बढ़े श्रद्धालु

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो
Aug 4, 2026, 12:06 am IST
inउत्तराखंड
बड़ी संख्या में श्रद्धालु कर रहे हैं चारधाम यात्रा।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु कर रहे हैं चारधाम यात्रा।

देहरादून। उत्तराखण्ड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रदेश में चारधाम के साथ ही अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में दर्शन को उमड़ रही भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।  राज्य सरकार का मानना है कि पीएम मोदी की धार्मिक यात्राओं के बाद से राज्य के देवालयों में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

जानकारी के अनुसार इस वर्ष की पहली छमाही में ही जागेश्वर धाम (अल्मोड़ा) और त्रियुगीनारायण (रुद्रप्रयाग) मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या ढाई गुना बढ़ी है। जबकि पूर्णागिरी धाम (चंपावत) में लगभग डेढ़ गुना और धारी देवी (श्रीनगर) में करीब दोगुना बढ़ोत्तरी हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का संकल्प राज्य सरकार ने लिया है। इसके लिए प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने, केदारखंड की तर्ज पर मानसखण्ड मंदिरमाला मिशन के तहत कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक मंदिरों का विकास, तीर्थस्थलों में बुनियादी सुविधाएं, सड़कों का विकास एवं परिवहन सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

सरकार की दूरदर्शिता और मजबूत प्रयासों का ही परिणाम है कि चारधाम यात्रा के साथ ही प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बना रही है। इस वर्ष 105 दिनों में 45 लाख 84 हजार 375 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के इस वर्ष की पहली छमाही (जनवरी 26 से जून 26) रिपोर्ट के आकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जागेश्वर (अल्मोड़ा) में 01 लाख 74 हजार 119 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में इस अवधि में यह संख्या 67 हजार 875 थी।

पूर्णागिरि धाम में इस वर्ष जून तक 20,91,788 श्रद्धालु पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष इसी अवधि में 14,35,290 यात्रियों ने दर्शन किए थे। इसी प्रकार धारी देवी में दर्शनार्थियों की संख्या 5,42,626 रही है, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 2,83,275 था। रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित त्रियुगीनारायण में भी श्रद्धालुओं की संख्या में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। इस वर्ष पहली छमाही में यहां 03,40,385 श्रद्धालु  पहुंचे हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में भक्तों की संख्या 01,36,120 थी।

टिहरी जिले का ऋषिकेश से सटा मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का खास केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष जनवरी से जून तक 15,97,439 सैलानी यहां आ चुके हैं, जबकि बीते वर्ष यह आंकड़ा 13,62,600 था। इसी प्रकार रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर, टिहरी जिले में सुरकंडा देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है।

यमुनोत्री में टूटा पुराना रिकॉर्ड

उत्तरकाशी जनपद में स्थित यमुनोत्री धाम की यात्रा कठिन होने के बावजूद यहां इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस यात्राकाल में दो अगस्त तक  06 लाख 54 हजार 958 यात्री माँ यमुना जी के दर्शन कर चुके हैं। धाम के इतिहास में यह अब तक की सर्वाधिक संख्या है। इससे पूर्व 2025 में 06 लाख 44 हजार 637, 2024 में 05 लाख 15 हजार 067, 2023 में 05 लाख 60 हजार 918, 2022 में 06 लाख 21 हजार 504, 2021 में 33 हजार 331 तीर्थयात्री यहां पहुंचे हैं।

बद्रीनाथ यात्रा बनाएगी कीर्तिमान

बद्रीनाथ यात्रा विगत 31 जुलाई को 100 दिन पूर्ण कर चुकी है। इस अवधि में 15 लाख 52 हजार 021 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। जबकि बीते वर्ष इसी अवधि में 12 लाख 40 हजार 408 यात्रियों ने दर्शन किए थे। इस प्रकार बीते वर्ष के मुकाबले दर्शनार्थियों की संख्या 03 लाख 11 हजार 613 अधिक रही है।

आदि कैलाश यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि

पिथौरागढ़ जनपद में स्थित श्री आदि कैलाश धाम में भी दर्शनार्थियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि हुई है। दो माह में ही 52,441 श्रद्धालु भोले के दरबार में शीश नवा चुके हैं। फिलहाल  मानसून के चलते एक जुलाई से यात्रा को विराम दिया गया है।

बता दें कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद आदि कैलाश दर्शनार्थियों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 से पहले यहां आने वाले यात्रियों की संख्या 2000 से भी कम थी। वर्ष 2023 से भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 में 10025, 2024 में 29352 और 2025 में 36526 यात्री आदि कैलाश दर्शन को पहुंचे हैं। इस वर्ष एक मई को आदि कैलाश यात्रा शुरू हुई थी और दो माह में ही 52441 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

कैंची धाम में आस्था का सैलाब

नैनीताल जनपद में स्थित कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां इस वर्ष जनवरी से जून तक 24 लाख 34 हजार 507 यात्री बाबा श्री नीब करौरी महाराज के दर्शन को पहुंचे हैं। इनमें जून माह में सर्वाधिक 08 लाख, 66 हजार श्रद्धालु पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी विजन के अनुरूप हम उत्तराखण्ड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य के प्रमुख और प्राचीन मंदिरों के विकास किया जा रहा है। तीर्थस्थलों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

 

Topics: पीएम मोदीचारधाम यात्राउत्तराखंडरिकॉर्ड श्रद्धालु
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