दिल्ली। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना’ में दिल्ली में काम करने वाली प्रवासी महिला श्रमिकों को भी शामिल करने की मांग उठी है। भारतीय मजदूर संघ, दिल्ली प्रदेश ने इस संबंध में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर आग्रह किया है। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री डॉ. दीपेन्द्र चाहर द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना बेहद सराहनीय है, जिसके तहत 2.50 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा के साथ अन्य वित्तीय लाभ दिए जा रहे हैं।
पत्र में उल्लेख है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में महिला श्रमिक दूसरे राज्यों से आकर काम कर रही हैं – जैसे घरेलू कामगार, दैनिक मजदूरी करने वाली महिलाएं, दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वाली, बिल्डिंग और सड़क निर्माण साइटों पर काम करने वाली, आउटसोर्स / संविदा कर्मचारी और विभिन्न सरकारी संस्थानों में कार्यरत महिलाएं।
ये सभी महिलाएं दिल्ली की जीडीपी में योगदान दे रही हैं, लेकिन दिल्ली में मकान के अधिक किराए के कारण रोजाना एनसीआर से दिल्ली आकर काम करने को मजबूर हैं। चूंकि उनके पास दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड नहीं है, इसलिए वे इस पिंक कार्ड योजना के लाभ से वंचित रह गई हैं।
भारतीय मजदूर संघ ने मांग की है कि – ऐसी सभी प्रवासी महिला श्रमिकों को, जो दिल्ली के विभिन्न सेक्टर्स में कार्यरत हैं, उनके जॉब कार्ड / जॉब पहचान पत्र के आधार पर इस योजना में शामिल किया जाए। ये महिला श्रमिक सबसे कम वेतन पाने वाली, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभों से वंचित और वास्तव में इस मुफ्त यात्रा सुविधा की सबसे ज्यादा जरूरतमंद हैं। भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया है। इस पत्र की प्रति दिल्ली के परिवहन मंत्री को भी भेजी गई है।

















