महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा से सामने आया वीडियो कांड अब एक बहुत गंभीर मामला बन चुका है। मोहम्मद अयान उर्फ अहमद तनवीर और 5 अन्य लोगों पर 180 से ज़्यादा लड़कियों को फंसाकर उनके 300+ न्यूड वीडियो बनाने की FIR हुई है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स की माने तो पुलिस ने अब तक 7 पीड़ितों की आधिकारिक पहचान की पुष्टि की है और अन्य पीड़ितों से गोपनीयता के साथ सामने आने की अपील की है।
बता दें कि मामला तब प्रकाश में आया जब राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने पुलिस को एक शिकायत दी। डॉ. बोंडे की शिकायत के अनुसार, आरोपी ने लड़कियों को निशाना बनाकर उन्हें प्यार के झांसे में फंसाता था और फिर उनके साथ गलत काम करता था।
अमरावती सेक्स स्कैंडल पर राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे का बयान
इस संबंध में पाञ्चजन्य से वार्ता करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल सुखदेवराव बोंडे ने कहा- “अभी हम इस मामले को लेकर इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पास भी जा रहे हैं। ये लड़का (मोहम्मद अयान उर्फ अहमद तनवीर) बहुत संपर्क वाला है, इसके चार साथियों को अभी तक पुलिस ने पकड़ा है।
जो जानकारी अभी मिली है, उसके अनुसार अयान का कहना है कि उसके संबंध 09 लड़कियों से ही थे, लेकिन हकीकत में पीड़ित लड़कियों की संख्या चौंकाने वाली है।”
आरोपियों की फंडिग पर उठाए सवाल
पाञ्चजन्य से बातचीत के दौरान डॉ. अनिल बोंडे प्रश्न उठाते हुए कहा- “ये सभी आरोपी मुस्लिम युवा सामान्य घरों के हैं, बावजूद इसके आखिर इनके पास महंगी गाड़ियां, होटलों में पार्टी मनाने एवं महंगी लाइफस्टाइल व कपड़ों के लिए रुपए कहां से आते थे.? ये कहां से लड़कियों को महंगी-महंगी गिफ्ट देते थे। यह जांच का विषय है, इसके लिए हम महाराष्ट्र सरकार से विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की भी मांग कर रहे हैं।”
मोहम्मद अयान का पॉर्न साइट कनेक्शन
पाञ्चजन्य से बातचीत के दौरान डॉ. बोंडे ने आरोपी ‘मोहम्मद अयान उर्फ अहमद तनवीर’ का पॉर्न साइट से कनेक्शन होने का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि “हमें उम्मीद है कि जब इस मामले की गहरी जांच होगी तो बहुत लोग इसमें शामिल पाए जाएंगे, जो इस पूरे अपराध को योजना बद्ध तरीके से अंजाम दे रहे थे। इसमें ड्रग एंगल, लव जिहाद, इस्लामिक कन्वर्जन जैसे अनेक मामले एक साथ शामिल हैं।
महिला अधिकारी से जांच की मांग
डॉ. बोंडे ने महाराष्ट्र सरकार से इस पूरे प्रकरण की जांच किसी संवेदनशील महिला पुलिस अधिकारी के माध्यम से कराने की मांग की, जिससे पीड़िताओं का पूरा पक्ष सभी के सामने आ सके और अन्य जितने भी अपराधी इसमें हैं, उन सभी के नाम सामने आ पाएं।”
सांसद अनिल बोंडे की सक्रियता से हुआ खुलासा
बता दें कि जब राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने इस पूरे अमरावती सेक्स स्कैंडल की जानकारी अमरावती एसपी ग्रामीण विशाल आनंद को दी थी, तब जाकर पुलिस गंभीरता से सक्रिय हुई और फिर जांच के बाद इस पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ।
सिस्टमैटिक तरीके से चल रहा था ‘अमरावती सेक्स स्कैंडल’
देखा जाए तो ये पूरे ‘अमरावती सेक्स स्कैंडल’ को आरोपियों द्वारा बड़े ही सिस्टमैटिक तरीके से चलाया जा रहा था। जहाँ लड़कियों को सोशल मैनिपुलेशन के ज़रिए बहलाया जाता था, उनसे से दोस्ती, महंगी बाइक और गाड़ियों में राइड, रेस्टोरेंट और अंत में अच्छे होटलों में मुलाकात। जहां शुरू होता था अश्लील वीडियो और तस्वीरों के रिकॉर्ड का खेल।
जिसे आरोपी पीड़िताओं को ब्लैकमेल करने के टूल के तौर पर इस्तेमाल करते थे।
अमरावती प्रकरण : फरहान हो या अयान, इनके लिए हिंदू लड़कियों से दुष्कर्म ‘सवाब’ का काम!
हिंदू, सिख, ईसाई और मातंग लड़कियां विशेष रूप से होती थीं टारगेट
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने विशेष रूप से हिंदू, सिख और मातंग समुदायों की लड़कियों और ईसाई लड़कियों को निशाना बनाया। आरोपियों का शिकार बनी लड़कियां नाबालिग हैं, जिनकी उम्र भी 15, 16 और 17 वर्ष के आस-पास है और इनकी संख्या 180 या उससे अधिक है। जिनके 300 से अधिक अश्लील वीडियो आरोपियों द्वारा बनाए गए।
हालांकि आरोपियों के कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं हैं, लेकिन कुछ तस्वीरों में आरोपी हिजाब और बुर्के से ढकी हुई लड़कियों के साथ नजर आ रहे हैं। अब ये लड़कियां मुस्लिम थीं या फिर हिंदू लड़कियों को इन्हें पहनने के लिए मजबूर किया गया था, इसकी पहचान अभी बाकी है, बरहाल मामला अभी भी जांच के दायरे में है।
कुछ रिपोर्टों की माने तो इस प्रकरण से सम्बंधित कई वीडियो हटा दिए गए या मिटा दिए गए हैं, लेकिन फिर भी एक बहुत बड़ी संख्या में लड़कियों के वीडियो अभी भी उनके कब्जे में हैं।
सामने आए कुछ मुस्लिम पीड़ित परिवार
वहीं मामला खुलने के बाद इसी सिंडिकेट से पीड़ित कुछ मुस्लिम परिवार भी सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस थाने पहुँचकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। उनके अनुसार मोहम्मद अयान के गिरोह ने कई मुस्लिम युवतियों को भी अपने सेक्स स्कैंडल के जाल में फंसाया था।
जानिए कैसे काम करता था आरोपियों का सिंडिकेट
कोचिंग से चुनते थे लड़कियां
इस पूरे मामले पर करीबी नजर बनाए हुए सूत्रों के अनुसार आरोपी मोहम्मद अयान और उसके साथी सबसे पहले अमरावती के प्रतिष्ठित मेडिकल कोचिंग सेंटरों में एडमिशन लेते थे। ये कोचिंग संस्थान कभी-कभी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं। जहाँ अलग-अलग स्कूलों के छात्र आपस में मिलते-जुलते हैं। इसलिए एडमिशन लेने के बाद आरोपित कॉमन क्लास या कल्चरल इवेंट के दौरान, 10वीं, 11वीं और 12वीं क्लास की नाबालिग लड़कियों को चुनते थे, फिर उनसे से दोस्ती करते थे।
दोस्ती के बाद मजहबी खेल
लड़कियों से जान-पहचान और दोस्ती के बाद आरोपी उनका भरोसा जीतते ही, वे Snapchat और Telegram जैसे सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर ग्रुप बनाते जिनके नाम उर्दू में रखे जाते थे। उनमे लड़कियों को जोड़कर धीरे-धीरे इस्लामिक विषय से जुड़े कंटेंट शेयर करते। इसके बाद बातों ही बातों में आरोपी अक्सर लड़कियों से कहते थे कि इस्लाम उनके (जिस धर्म, पंथ, या मत की लड़कियां होती) धर्मों से बेहतर है और उन्हें मुसलमान बन जाना चाहिए।
महंगे गिफ्ट और लग्जरी बाइक/कार से लुभाते, फिर करते गंदा काम
वहीं सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अच्छी बातचीत और लड़कियों से कुछ मीटिंग के बाद आरोपी उन्हें बाहर घूमने के लिए बुलाते थे। आरोपियों के पास अच्छी बाइक और कारें होने की वजह से उनका लड़कियों से मिलना-जुलना रेगुलर हो जाता था। वे लड़कियों को कैफ़े सहित और दूसरी सार्वजनिक जगहों पर ले जाते थे। धीरे-धीरे लड़कियां आरोपियों के जाल में फंसकर उनके और करीब पहुंच जातीं, तो उन्हें महंगे-महंगे तोहफ़े दिए जाते थे, और बाद में शहर के महंगे होटलों के कमरों में ले जाया जाता था।
आरोप है कि इन्हीं जगहों पर आरोपी लड़कियों के साथ की गई यौन गतिविधियों के वीडियो रिकॉर्ड कर लिया करते थे।
आरोपियों की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि
आपको बता दें कि इस पूरे प्रकरण का सरगना मोहम्मद अयान उर्फ अहमद तनवीर की उम्र केवल 19 वर्ष है, जीविका के लिए आरोपी के अब्बा (पिता) एक ऑटोमोबाइल की दुकान चलते हैं। वहीं जानकारी के अनुसार अन्य आरोपियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी मोहम्मद अयान से कुछ ज्यादा खास नहीं है।
अमरावती केस: AIMIM से जुड़े आरोपी अयान के घर पर चला बुलडोजर, 180 नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप
अब यहां ध्यान देना ज़रूरी है कि एक साधारण पृष्ठभूमि के बावजूद भी मोहम्मद अयान सहित अन्य आरोपी कैसे इतनी बड़ी संख्या में लड़कियों को अपने मजहबी जाल में फंसाने में कामयाब रहे।
मोहम्मद अयान का AIMIM से कनेक्शन!
वहीं अगर आरोपियों के राजनैतिक पृष्ठभूमि की बात की जाए तो मोहम्मद अयान को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़ा होने की बात निकलकर सामने आई है। जिससे सम्बंधित फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वायरल हैं। साथ ही दावा किया जा रहा है कि मोहम्मद अयान शहर के स्तर पर AIMIM पार्टी का सोशल मीडिया पेज भी संभालता था।
‘बारूद गैंग’ करता था सिंडिकेट को फंडिग..?
अब प्रश्न उठता है कि साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के इन लड़कों के पास महंगी बाइक, गाड़ी और होटलों में जाने एवं लग्जरी गिफ्ट देने के लिए पैसा कहां से आता है..? तो इसका एक जबाव कह सकते हैं- ‘बारूद गैंग और ब्लैकमेलिंग’
इस मामले को करीब से जानने वाले सूत्र के मोहम्मद अयान का संबंध “बारूद गैंग” नाम के एक स्थानीय ग्रुप से भी था। कहा जाता है कि यह ग्रुप इस इलाके में सक्रिय है और कथित तौर पर अवैध रेत खनन और बीफ़ के व्यापार में शामिल है। आरोप है कि इन गतिविधियों से होने वाली कमाई के इस्तेमाल से ही मोहम्मद अयान और उसके सिंडिकेट (अन्य आरोपी) द्वारा चलाए जा रहे इस तरह के ‘अमरावती सेक्स स्कैंडल’ जैसे ऑपरेशन्स को फ़ंड करने के लिए किया जाता था।
ब्लैकमेलिंग से करते थे वसूली
इसके अलावा आरोपित लड़कियों को अपना शिकार बनाने के बाद में अश्लील वीडियो की धमकी देकर ब्लैकमेल करके अपने अनुसार उनसे काम करवाते थे और उनसे पैसे भी वसूलते थे।
‘बारूद गैंग’ को फंड के बदले सप्लाई होती थीं लड़कियां
सूत्रों के अनुसार ‘बारूद गैंग’ से मिलने वाली आर्थिक मदद के बदले आरोपी अयान ने कथित तौर पर इस ग्रुप के सदस्यों को वो लड़कियां सप्लाई करते थे जो इनकी शिकार बन गईं होतीं हैं। आरोपी जब लड़कियों से पैसे मांगते और जो लड़कियां पैसे देने में असमर्थता जताती थीं, तो उनके सामने ये शर्त रखी जाती कि उनके अश्लील वीडियो तभी डिलीट किए जाएंगे, जब वे आरोपी द्वारा चुने गए लोगों के साथ जाने के लिए तैयार होंगी।
इस शर्त को मानने वाली लड़कियों को आरोपी कथित तौर पर ‘बारूद गैंग’ के सदस्यों और संभवतः कुछ राजनैतिक कार्यकर्ताओं को भी सप्लाई किया गया था।
बता दें कि ये दावे भी चल रही जांच का हिस्सा हैं।

















