नासिक में स्थित Tata Consultancy Services (टीसीएस) की बीपीओ यूनिट से जुड़ा एक गंभीर मामला इन दिनों चर्चा में है। इस मामले में कंपनी की एचआर हेड निदा खान पर कई आरोप लगे हैं, जिनमें उत्पीड़न और धर्म से जुड़ा दबाव शामिल है। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दी है और अपनी गर्भावस्था को आधार बताया है।
उत्पीड़न के आरोपों पर जांच तेज, कई गिरफ्तार- यह मामला तब सामने आया जब कुछ महिला कर्मचारियों ने अपने सीनियर्स पर मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। उनका कहना है कि पिछले कई वर्षों से उनके साथ गलत व्यवहार हो रहा था, लेकिन जब उन्होंने एचआर विभाग में शिकायत की, तो उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे पीड़ित महिलाओं को काफी परेशानी और निराशा का सामना करना पड़ा। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है। अब तक इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कुछ कर्मचारी और एक एचआर अधिकारी भी शामिल हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक महिला को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए, जबकि दूसरी महिला के साथ भी गलत व्यवहार की कोशिश की गई।
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कंपनी ने जांच का भरोसा दिया- इतना ही नहीं, एक पुरुष कर्मचारी ने भी आरोप लगाया है कि उस पर धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने का दबाव डाला गया। उसने कहा कि उसे जबरदस्ती नमाज पढ़ने के लिए कहा गया और उसके धर्म का अपमान किया गया। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला और भी गंभीर हो जाता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा है। कंपनी ने कहा है कि वह ऐसी घटनाओं के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाती है और जांच में पूरा सहयोग करेगी।

















