महाराष्ट्र के अमरावती जिले का रहनेवाले अयान अहमद तनवीर के हिन्दू लड़कियों के साथ संबंध एवं उन्हें देह व्यापार में धकेल देने का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर भोपाल के फरहान खान की याद आ गई है, जिसे गत वर्ष लव जिहाद और गिरोह बनाकर हिन्दू लड़कियों को टार्गेट करने, उनसे दुष्कर्म करने के बाद उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप मे पकड़ा गया था। उसने और उसके गिरोह के इस्लामिक जिहादी सोच रखनेवाले अपराधियों का साफ कहना था कि “वे सवाब’ का काम कर रहे थे।” फरहान ने कहा था कि हिंदू लड़कियों से दुष्कर्म करके उसने सवाब (पुण्य) का काम किया है। इसलिए उसे इसका कोई पछतावा नहीं है, बल्कि गर्व है।
अब अमरावती से सामने आया अयान अहमद तनवीर का मामला भी ऐसा ही नजर आ रहा है। 180 लड़कियों के साथ अश्लील वीडियो बनाना, फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर इन लड़कियों को देह व्यापार में धकेलना। अभी तक अयान द्वारा बनाए गए 350 से अधिक वीडियो पुलिस को प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 100 वीडियो ऐसे हैं जोकि पूर्व में ही वायरल कर दिए गए थे। फिलहाल पुलिस आठ पीड़िताओं से उनके बयान लेने में सफल हुई है। अयान को पुलिस ने अमरावती से गिरफ्तार कर 21 अप्रैल तक के लिए हिरासत में भेज दिया है।
सामने आया है कि अयान व्हाट्सऐप और स्नेपचैट ग्रुप्स से लड़कियों को निशाना बनाता था। पहले लड़कियों से दोस्ती करता था, फिर उनका विश्वास जीतता था और उन्हें अपने साथ संबंध बनाने के लिए बहलाता-फुसलाता था। लड़कियों की मर्जी के बिना उनके प्राइवेट फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करता था, जिनका इस्तेमाल वह लड़कियों को ब्लैकमेल और धमकी देने के लिए करता था। काफी वीडियो उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी शेयर की हैं, जिसमें से मामला सामने आने के बाद कुछ डिलीट भी कर दी गईं।
हिंदू लड़कियों को बुर्का पहनाया
पीड़िताओं में अधिकतर स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियां हैं, जिसमें कि कई हिन्दू लड़कियों को बुर्का तक पहनाया गया है। यह भी सामने आया है कि इन लड़कियों पर इस्लामिक कन्वर्जन करने का भी दबाव बनाया जाता था। कई लड़कियों को सेक्स स्लेव बनाया गया। मामले में पुलिस ने अयान पर बीएनएस की धारा 294, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट 2000 के तहत कार्रवाई की है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
पुलिस ने उसके मोबाइल फोन से कई अश्लील वीडियो बरामद किए हैं। जबकि फोरेंसिक टीम डिलीट डेटा को दोबारा पाने के लिए काम कर रही है। महाराष्ट्र देहात पुलिस ने अश्लील वीडियो को डाउनलोड कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने के लिए एक अन्य आरोपित मोहम्मद उजेर खान इकबाल खान को भी गिफ्तार किया है।
राज्यसभा सदस्य अनिल बोंडे का क्या कहना है
इस संबंध में राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल सुखदेवराव बोंडे जिनकी शिकायत पर पुलिस सक्रिय हुई और इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की दिशा में अयान को पकड़ने में सफल रही, उनका कहना है, “अभी हम इस मामले को लेकर इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पास भी जा रहे हैं। ये लड़का बहुत संपर्क वाला है, इसके चार साथियों को अभी तक पुलिस ने पकड़ा है। जो जानकारी अभी मिली है, उसके अनुसार अयान का कहना है कि उसके संबंध 09 लड़कियों से ही थे, लेकिन हकीकत में इससे कई गुना लड़कियों के साथ इसके संबंध होना सामने आ रहा है।”
डॉ. अनिल बोंडे प्रश्न उठाते हुए कहते हैं, “ये सभी मुस्लिम युवा सामान्य घरों के हैं, आखिर इनके पास महंगी गाड़ियां, होटलों में पार्टी मनाने एवं महंगी लाइफस्टाइल व कपड़ों के लिए रुपए कहां से आते थे? ये लड़कियों को महंगी-महंगी गिफ्ट देते थे। यह जांच का विषय है, इसके लिए हम महाराष्ट्र सरकार से विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग कर रहे हैं।”
जिहादियों का पैटर्न
वह इन इस्लामिक जिहादियों के युवतियों को अपने जाल में फंसाने के पैटर्न की जानकारी देते हैं, सांसद डॉ. बोंडे का कहना है कि “आरोपी अयाज उर्फ अयान तनवीर और उसके साथी कम उम्र की हिन्दू लड़कियों को फंसाने के लिए कोचिंग क्लास में प्रवेश लेते थे। गिरोह में शामिल सभी इस्लामिक किसी भी स्कूल में या कॉलेज में नहीं पढ़ते हैं। फिर भी ये अलग-अलग कोचिंग क्लास में एडमीशन लेकर वहां जो अच्छी लड़कियां, इनकी नजर में होतीं, उनसे नजदीकी बढ़ाते, उनका विश्वास जीतते और इसके बाद ये सभी उन युवतियों को भावनात्मक रूप से ब्लेकमेल कर अपने काम को अंजाम देते थे।”
साथ ही डॉ. बोंडे आरोपी अयान का पॉर्न साइट कनेक्शन होने का भी जिक्र करते हैं। उनका यहां तक कहना है कि “हमें उम्मीद है कि जब इस मामले की गहरी जांच होगी तो बहुत लोग इसमें शामिल पाए जाएंगे, जो इस पूरे अपराध को योजना बद्ध तरीके से अंजाम दे रहे थे। इसमें ड्रग एंगल, लव जिहाद, इस्लामिक कन्वर्जन जैसे अनेक मामले एक साथ शामिल हैं। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार से हमारी यही मांग है कि इस प्रकरण की जांच किसी संवेदनशील महिला पुलिस अधिकारी के माध्यम से हो, ताकि पीड़िताओं का पूरा पक्ष सभी के सामने आ सके और अन्य जितने भी अपराधी इसमें हैं, उन सभी के नाम सामने आ पाएं।”
जब राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने एसपी ग्रामीण विशाल आनंद को इस बारे में जानकारी दी थी, तब सक्रिय हुई पुलिस की जांच के बाद ही उक्त मामला प्रकाश में आया। मामले में कुछ मुस्लिम परिवार भी सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस थाने पहुँचकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। बताया जा रहा है कि अयान के गिरोह ने कई मुस्लिम युवतियों को भी प्रेम जाल में फंसाया था।
योजनाबद्ध तरीके से हिन्दू बेटियों को निशाना बना रहे जिहादी
इस पूरे मामले को लेकर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल का कहना है कि “देशभर से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, कहीं ‘लव जिहाद’ हो रहा है, कहीं ‘कार्पोरेट जिहाद’ तो कहीं किसी अन्य किस्म का ‘जिहाद’ इस्लामवादियों द्वारा किया जा रहा है। नासिक से टीएमसी कंपनी में हुए कॉर्पोरेट जिहाद को सामने आए अभी बहुत समय नहीं हुआ है, कि ये दूसरा बड़ा इस्लामिक जिहाद का प्रकरण महाराष्ट्र से सामने आ गया है। इससे साफ है कि वे (इस्लामिक जिहादी) योजनाबद्ध तरीके से जहां जैसे संभव हो रहा है, हिन्दू बेटियों को निशाना बना रहे हैं। विश्व हिन्दू परिषद इसका घोर विरोध करती है और महाराष्ट्र सरकार से मांग करती है कि इसकी गहराई से जांच कराए।”
विनोद बंसल इसके लिए राष्ट्रीय कानून की मांग भी करते हैं, उन्होंने कहा, “जिन राज्यों ने धर्म स्वातंत्र्य कानून बनाया है उन्हें साधुवाद है, किंतु अभी भी देश के अधिकांश राज्यों में इस प्रकार का कोई कानून नहीं है, इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि संपूर्ण देश के लिए एक कानून बने, जिसके माध्यम में स्त्री की गरिमा को चोट पहुंचाने वाले जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाए जा सकें।”
पढ़े-लिखे लोगों के दिमाग में भी जिहाद
विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भी अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक के लिए एक राष्ट्रव्यापी कठोर कानून की मांग की है। जैन का आरोप है, उच्च पद पर बैठे उन तमाम मुसलमानों पर जो ऐसे षड्यंत्र करते हैं, डॉ सुरेंद्र जैन कहते हैं कि टीसीएस नासिक में षड्यंत्र के उजागर होने के बाद पूरी दुनिया अचंभित है। एक मुसलमान के बैठते ही किस प्रकार वह अधिक से अधिक संख्या में अपने मुस्लिम सहयोगियों को भर्ती कर लेता है और उसके बाद बीसियों हिंदू लड़के और लड़कियों को अपने षड्यंत्र का शिकार बनाता है, यह अब किसी से छिपा नहीं रहा है। उनको मुस्लिम तौर तरीका सिखाना, नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करना, गौ-मांस खिलाना और जबरन कन्वर्जन करना घोर आपत्तिजनक है।
डॉ जैन का कहना है कि अभी तक जिम जिहाद, थूक जिहाद, सैलून जिहाद कोरियोग्राफर जिहाद आदि ही सामने आते थे और लगता था कम पढ़े-लिखे लोग ही इस षड्यंत्र में शामिल हैं, लेकिन अलफलाह व केजीएमयू विश्वविद्यालय और उसके बाद इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अंदर काम करने वाले लोगों की इस कन्वर्जन के षड्यंत्र में संलिप्तता बताती है कि जिहादी षड्यंत्र कम पढ़े-लिखे लोगों के दिमाग की ही विकृति नहीं है अपितु, ज्यादा पढ़े लिखे लोगों के दिमाग में भी जिहादी कीड़ा उतना ही काम करता है और वे भी सभ्यता के सभी दायरों को तोड़कर जबरन धर्मांतरण (कन्वर्जन) करते हैं।
यहां विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन यह भी जोड़ते हैं कि “यदि कोई इन विषयों को रोक लगाना चाहता है और जिहादियों से कोई संबंध नहीं रखना चाहता तो अब उसे इस्लामिक फोबिया से त्रस्त नहीं कहा जा सकता, क्योंकि संपूर्ण विश्व का सभ्य समाज इस जिहादी षड्यंत्र से बचने के लिए छटपटा रहा है, इसलिए विश्व हिंदू परिषद की मांग है भारत के सभी राज्यों में अवैध कन्वर्जन को रोकने के लिए सख्त कानून बने।”
इस दौरान वे अपनी बात में यह भी जोड़ते हैं कि “टीसीएस मामले के तुरंत बाद ही महाराष्ट्र के अमरावती से सामने आए इस प्रकरण ने बता दिया कि इस प्रकार के अनेक मामले हर रोज घट रहे हैं। अत: बहुत जरूरी है इन सभी को रोका जाना और इसके लिए आवश्यक कानूनी सुधार लाना।” विहिप की केंद्र सरकार के गुजारिश है कि आगे आकर ऐसे प्रकरणों पर रोक लगाने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए। अवैध धर्मांतरण विरोधी राष्ट्रव्यापी कानून बनाना वर्तमान की आवश्यकता है, जिसे केंद्रीय स्तर पर शीघ्र लाया जाए।”

















