ईरान में मुल्ला शासन के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भू राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। एक तरफ जहां सड़कों पर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों का क्रूर दमन कर रही है, तो दूसरी ओर ट्रंप लोगों को मदद आ रही का चूरन बांट रहे है। कई दिनों तक यही बात करने के बाद अब उन्होंने ये कह दिया है कि ईरान युद्ध से बचने के लिए डील की ओर बढ़ रहा है। वहीं ईरान अपने रुख पर कायम है कि धमकियां और डील साथ-साथ संभव नहीं है।
सऊदी अरब का अमेरिका को सख्त संदेश
सऊदी अरब ने साफ कहा कि वह अपने हवाई क्षेत्र को किसी भी देश को ईरान पर हमला करने के लिए इस्तेमाल नहीं करने देगा। यह बात लंदन स्थित अशरक अल-अवसत ने एक सऊदी अधिकारी के हवाले से बताई। उधर कतर के विदेश मंत्री तेहरान गए और ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लरिजानी से मिले। दोनों ने क्षेत्र में तनाव कम करने, शांतिपूर्ण समाधान और कूटनीति से मतभेद सुलझाने पर बात की। कतर ने कहा कि वह क्षेत्र के लोगों को युद्ध की मार से बचाना चाहता है।
घरेलू सुधार नहीं, सरकार नहीं टिकेगी
फाएजा हाशेमी रफसंजानी (पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशेमी रफसंजानी की बेटी) ने एक ऑडियो में कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक को ज्यादातर लोगों, खासकर युवाओं की मांगें माननी होंगी ताकि बच सके। उन्होंने विदेशी हस्तक्षेप को नकारा, लेकिन कहा कि हाल के विरोध प्रदर्शनों में हुई मौतों की जिम्मेदारी रिजीम पर है। उन्होंने नेता चुनने के लिए जनता के भरोसे वाला जनमत संग्रह की मांग की और कहा कि बदलाव आ रहा है।
ईरान बोला-धमकी से बातचीत नहीं होगी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मिस्र के अब्देल फतह अल-सीसी से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि धमकी या ताकत से ईरान को बातचीत की मेज पर नहीं लाया जा सकता। अगर ईरान की जमीन पर कोई हमला हुआ तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान युद्ध नहीं चाहता क्योंकि इससे किसी को फायदा नहीं। बातचीत में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस बीच दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास में हुए विस्फोट को सरकारी मीडिया ने गैस लीक बताया, लेकिन एक लोकल अखबार के वीडियो में यूनिफॉर्म वाला एक शख्स घायल दिखा। रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने अपने नेवी चीफ की मौत की अफवाहों को खारिज किया। इजरायल ने इन विस्फोटों (बंदर अब्बास और अहवाज) में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
ट्रंप अपने ही अरबी सहयोगियों को दे रहे धोखा
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया कि वाशिंगटन अपने ईरान प्लान को फारस की खाड़ी के सहयोगियों के साथ शेयर नहीं कर सकता, क्योंकि लीक होने से हालात और खराब हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका से बात कर रहा है और एक बड़ी फ्लीट (वेनेजुएला से बड़ी) जा रही है। देखते हैं डील होती है या क्या होता है। उन्होंने ये भी कहा कि ईरान हमेशा बिना साफ लक्ष्य के बात करना चाहता है, लेकिन हां, बातचीत चल रही है। पुरानी न्यूक्लियर डील फेल हुई थी, अब अलग तरीके से ईरान के न्यूक्लियर कैपेबिलिटी को हैंडल किया जाएगा। “हम देखेंगे क्या होता है।”
बातचीत का फ्रेमवर्क बन रहा
यही बात ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लरिजानी ने X पर पोस्ट किया कि बातचीत का ढांचा तैयार हो रहा है, जबकि मीडिया युद्ध की बातें फैला रहा है। यह एक दिन पहले पुतिन से मॉस्को में मुलाकात के बाद आया है।

















