डोनाल्ड ट्रंप की मनमानियों और घमंड के कारण अमेरिका औऱ ईरान के बीच तनाव है कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ऐसा ही कुछ स्विटजरलैंड में हुआ, जहां हाई-लेवल बातचीत शुरू होते ही तनावपूर्ण हो गई। ईरानी टीम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पर दी गई धमकियों के विरोध में वॉकआउट कर दिया। फिर भी दोनों तरफ के अधिकारी रात भर बातचीत जारी रखने की उम्मीद जता रहे हैं।
क्या हुआ स्विट्जरलैंड में
ब्यूर्गेनस्टॉक में हुई मीटिंग में ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कुछ देर बातचीत की, फिर बाहर निकल गए। ईरानी स्टेट मीडिया के मुताबिक, ट्रंप के “अपमानजनक संदेशों” के बाद बातचीत “मुश्किल दौर” में चली गई है। ईरानी टीम ने पहले कतर के मध्यस्थ से मुलाकात की और फिर साइट छोड़ दी। अमेरिकी कूटनीतिज्ञ ने बताया कि बातचीत रात भर चल सकती है। मुख्य मुद्दे हैं- होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान की मंशा साफ करना, स्ट्रेट को खुला रखने के तरीके, दक्षिणी लेबनान में सीजफायर लागू करना और न्यूक्लियर मुद्दे पर गहरी चर्चा।
पहले क्या हुआ था
पिछले हफ्ते अमेरिका और ईरान ने एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया था। इसमें होर्मुज स्ट्रेट पर ब्लॉकेड हटाने और ईरान के सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम पर 60 दिनों की बातचीत का ऐलान था। मीटिंग से ठीक पहले ईरान ने स्ट्रेट फिर से ब्लॉक कर दिया। वजह बताई गई-लेबनान में इजराइल के लगातार हमले। ईरान का कहना है कि ट्रंप इस MoU का पालन नहीं करवा रहे, जबकि इसमें सभी मोर्चों पर सीजफायर का जिक्र है। शनिवार को लेबनान में इजराइल के हमलों में 30 से ज्यादा लोग मारे गए।
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ट्रंप की धमकियां
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान को अपने “पैसे वाले प्रॉक्सी” को लेबनान में शांति बनाए रखनी चाहिए, वरना ईरान पर फिर से बहुत सख्त कार्रवाई होगी। फॉक्स न्यूज से फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो स्ट्रेट पर कब्जा कर लेंगे और टोल वसूलेंगे। उन्होंने ईरानी नेगोशिएटर्स को भी निशाना बनाते हुए कहा कि स्ट्रेट बंद किया तो वे अपने देश तक नहीं पहुंच पाएंगे। ईरानी टीम ने इसे अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले हफ्ते साइन हुए समझौते में नॉन-अग्रेशन पैक्ट भी शामिल था।
JD Vance का अलग लहजा
ट्रंप की धमकियों के उलट, उपराष्ट्रपति JD Vance ने नरम रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने उन्हें ईरान के साथ नया रिश्ता शुरू करने को कहा है। वांस ने कहा – अगर ईरान क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाना छोड़ दे और लंबे समय के लिए न्यूक्लियर हथियारों की महत्वाकांक्षा त्याग दे, तो अमेरिका पूरा रिश्ता बदलने को तैयार है।
क्या हुआ समझौता
ईरानी नेगोशिएटर मोहम्मद बागेर घालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची अमेरिकी टीम (जिसमें JD वांस, जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ शामिल थे) से करीब 80 मिनट मिले। वॉकआउट से पहले ईरान और अमेरिका के बीच एक ड्राफ्ट समझौता हो गया था। इसमें अमेरिका ईरानी तेल निर्यात पर सैंक्शंस हटाने के लिए वेवर जारी करेगा। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि वेवर जल्द जारी होंगे और विदेशी बैंकों में फंसे ईरानी एसेट्स भी अनफ्रीज किए जा रहे हैं। ईरानी टीम के साथ नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी के CEO और सेंट्रल बैंक के हेड भी थे, जो दिखाता है कि तेल सैंक्शंस और पैसे के मुद्दे उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।














