कोच्चि (हि.स.) । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ केरल के तीन जिलों में एकसाथ बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया।
नौ स्थानों पर एकसाथ तलाशी
इस दौरान एजेंसी ने कई डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। एनआईए ने बताया कि कुल नौ स्थानों पर तलाशी ली गई।
2047 तक इस्लामिक शासन की साजिश का आरोप
यह कार्रवाई 2022 में दर्ज मामले से जुड़ी है, जिसमें पीएफआई पर हिंसक जिहाद फैलाने और 2047 तक भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करने की साजिश का आरोप है।
युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर सांप्रदायिक विभाजन की कोशिश
जांच में सामने आया है कि पीएफआई के नेता और कार्यकर्ता युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर समाज में सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे थे।
आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग
संगठन युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहा था और आतंक एवं हिंसा फैलाने के लिए धन जुटा रहा था।
पीएफआई के भीतर अलग-अलग विंग्स का गठन
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि पीएफआई ने कई विंग जैसे- ‘रिपोर्टर्स विंग’, ‘फिजिकल एंड आर्म्स ट्रेनिंग विंग’ और ‘हिट टीम्स’ बनाए थे। इनका इस्तेमाल संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा था।
शारीरिक प्रशिक्षण की आड़ में हथियार प्रशिक्षण
संगठन अपने कैंपस और सुविधाओं का इस्तेमाल शारीरिक शिक्षा या योग प्रशिक्षण के नाम पर हथियारों की ट्रेनिंग के लिए कर रहा था।हिट टीम्स को विशेष ‘टारगेट्स’ की हत्या के लिए तैयार किया जा रहा था।

















