हरियाणा के यमुनानगर में हिंदू प्रेमिका की निर्मम हत्या करने के आरोप में उसके लिव-इन पाटर्नर बिलाल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को उमा की सिर कटी लाश कुछ दिनों पहले प्रतापनगर के बहादुरपुर गांव से मिली थी। वहीं महिला का सिर हिमाचल व हरियाणा की सीमा पर लालढांग क्षेत्र के पास से बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि उमा और बिलाल दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले हैं। बिलाल ड्राइवर है और उमा के ही गांव का रहने वाला है। वे पिछले दो सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। महिला बिलाल से शादी करने के लिए कह रही थी। इससे परेशान होकर बिलाल ने 6 दिसंबर को उमा का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उसने पहचान छिपाने के लिए उसके सारे कपड़े उतार दिए फिर उसका सिर काट दिया। हत्या के बाद सिर को पॉलीथिन में डालकर जंगल में फेंक दिया। छह दिन तक उमा के शव की शिनाख्त नहीं होने पर शुक्रवार (12 दिसंबर) को सेवा समिति के माध्यम से उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बिलाल ने जुर्म कबूल किया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस पूछताछ के दौरान बिलाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि उमा, जिसके साथ वह दो सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था, वह उस पर लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि उसके परिजनों ने उसका निकाह कहीं और तय कर रखा था। रविवार (14 दिसंबर) को उसका निकाह होना था। बिलाल को यह डर सता रहा था कि उमा की वजह से कहीं उसकी शादी में कोई अड़चन न जाए। इसलिए उसने उमा की हत्या करने की योजना बनाई। निकाह से एक हफ्ते पहले 6 दिसंबर को बिलाल उसे घुमाने के बहाने अपनी कार में लेकर गया। इस बीच मौका मिलते ही कार की सीट बेल्ट से उमा का गला घोंट कर उसे मार डाला। उसने अपनी 30 वर्षीय प्रेमिका के शव की पहचान छिपाने के लिए उसका सिर काट दिया और उसके कपड़े उतार दिए। इसके बाद पॉलिथीन में कटा हुआ सिर डालकर जंगल में फेंक दिया और शव को बहादुरगढ़ के एक सुनसान इलाके में फेंक दिया ताकि कोई भी उसे पहचान ना सके। हालांकि, पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर सिर बरामद कर लिया है।
पति से विवाद के कारण अलग रह रही थी उमा
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में यह भी बताया कि शव उसकी प्रेमिका उमा का था। वह पहले से शादीशुदा थी और एक बच्चे की मां थी। दो साल पहले पति और 10 साल के बेटे के साथ रमजानपुरा में रहती थी। पति से विवाद के चलते वह गंगोत्री कॉलोनी में अकेली रहती थी। बेटा अपने पिता के साथ रहता था, जो कभी-कभार उससे मिलने आता था। वह बिलाल से शादी करना चाहती थी।
पुलिस ने SIT गठित की
पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के अनुसार पुलिस ने आरोपी के पास से महिला के कपड़े और दूसरे सबूत भी बरामद किए हैं। उन्होंने बताया, “7 दिसंबर को बहादुरपुर गांव से एक महिला का शव बरामद किया गया। शुरुआती जांच में स्पष्ट हो गया था कि यह हत्या का एक जघन्य, गंभीर और बेहद संवेदनशील मामला है। हमने मामले की जांच के लिए तुरंत डीएसपी रजत गुलिया की अगुवाई में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की। इस दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना था।”
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पड़ोसी राज्यों से भी संपर्क किया
उन्होंने बताया कि युवती के गायब होने के बारे में कोई भी जानकारी जुटाने के लिए राज्य के सभी जिलों के पुलिस स्टेशनों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से भी संपर्क किया गया था। एसआईटी ने दिन-रात मेहनत की और शव मिलने के छह दिनों के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझा लिया। सबूतों की मदद से हमने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान सहारनपुर जिले के बिलाल के रूप में हुई है। आगे की जांच जारी है।
एसपी के मुताबिक, बिलाल को यह डर था कि लड़की उसके परिवार वालों को सच बता देगी, जिससे उसकी शादी टूट सकती है। इसी डर से उसने उसकी हत्या की योजना बनाई। 6 दिसंबर की रात करीब 8 बजे आरोपी लड़की को सहारनपुर से कार में अपने साथ ले गया। उसने लड़की का सिर काट दिया और उसके कपड़े उतार दिए। तभी से इस मामले की जांच की जा रही है। इस दौरान पता चला कि सहारनपुर नंबर की एक कार घटनास्थल के आसपास देखी गई है। सीसीटीवी के आधार पर पुलिस हथिनीकुंड तक पहुंची। वहां से कुछ मोबाइल नंबर ट्रेस किए गए, जो उस क्षेत्र में सक्रिय थे। तलाश करते हुए शनिवार 13 दिसंबर को पुलिस सहारनपुर (यूपी) के नकुड़ थाना क्षेत्र के टिडोली गांव पहुंची। वहां से आरोपी बिलाल को पकड़ लिया गया।
पड़ोसियों ने की जांच में मदद
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि छह दिसंबर को बिलाल कार लेकर आया था। उस समय उमा बहुत खुश थी। उमा ने दूसरे किराएदारों को बताया था कि बिलाल उससे शादी करेगा और वह उसके साथ जा रही है। हालांकि, इसके बाद से वह नहीं लौटी। उमा की मकान मालिक बबीता से इस मामले में पुलिस ने पूरी जानकारी ली थी।
















