गत 19 और 20 जुलाई को नई दिल्ली के छतरपुर में विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में समसामयिक, राष्ट्रीय एवं सामाजिक विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। पहले प्रस्ताव में परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा गया है कि भारतीय परिवार व्यवस्था ने सदियों से समाज को संस्कारित, संगठित एवं आत्मीय बनाए रखा है।
वर्तमान समय की चुनौतियों का समाज एवं शासन दोनों स्तर पर गंभीर समाधान आवश्यक है। कुछ न्यायिक निर्णयों ने पारंपरिक सुदृढ़ कुटुंब व्यवस्था को ठेस पहुंचाई है, जैसे विवाहेत्तर संबंधों को मान्यता, ‘लिव इन रिलेशन’ को वैधानिकता, समलैंगिकता को मान्यता आदि। इन पर व्यापक चर्चा कराकर कानून बनाना चाहिए, ताकि पारिवारिक क्षति को रोका जा सके। परिषद ने परिवार प्रबोधन तथा पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण हेतु व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।
बैठक में पूज्य स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जी की कंधमाल (ओडिशा) में हुई निर्मम हत्या की जांच हेतु गठित आयोग की रिपोर्ट गायब होने तथा सार्वजनिक न किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। केंद्रीय प्रबंध समिति ने मांग की है कि सी.बी.आई द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। परिषद ने कहा कि इस राष्ट्रीय महत्व के विषय पर सत्य सामने लाना न्याय एवं जनविश्वास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्मशती के अवसर पर विशेष वक्तव्य पारित किया गया। परिषद ने कहा कि संत रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता, आध्यात्मिक चेतना एवं मानव मर्यादा के संदेश आज भी पूरे भारतीय समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। परिषद पूरे देश में विविध कार्यक्रम आयोजित कर उनके संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लेती है।
बैठक में अशोक सिंघल जी की जन्मशताब्दी वर्ष के निमित्त योजना भी बनाई गई। 27 सितंबर, 2026 को श्री राम जन्मभूमि आन्दोलन के प्रणेता अशोक सिंघल जी की जयंती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे वर्ष उनके द्वारा हिंदू समाज के लिए किए गए अतुलनीय कार्यों को समाज के मध्य ले जाया जाएगा। उनके जन्मशताब्दी वर्ष में विश्व हिंदू परिषद संगठनात्मक विस्तार पर विशेष ध्यान देगी।

















