अब भारत सपने नहीं, इतिहास रच रहा है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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होम भारत

अब भारत सपने नहीं, इतिहास रच रहा है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ’ शब्द का भी जिक्र किया। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि कभी भारत की 2-3% की वृद्धि दर को ‘हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ’ कहा जाता था। यह एक ऐसी सोच थी, जिसमें भारत की धीमी अर्थव्यवस्था का संबंध हिंदू संस्कृति और सभ्यता से जोड़ दिया गया था।

Written byMahak SinghMahak Singh
Dec 7, 2025, 02:36 pm IST
in भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 6 दिसंबर 2025 को हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट के 23वें संस्करण को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, बदलते आत्मविश्वास, नई सोच और देश के लगातार हो रहे विकास पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया कई तरह की आर्थिक चुनौतियों और अनिश्चितताओं का सामना कर रही है। कई देशों की अर्थव्यवस्थाएँ धीमी पड़ गई हैं। इसके बावजूद भारत उन देशों में शामिल है, जो सबसे तेज़ी से विकास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब दुनिया की आर्थिक वृद्धि करीब 3 प्रतिशत और G-7 देशों की वृद्धि लगभग 1.5 प्रतिशत के आसपास है, तब भारत इससे कहीं अधिक तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है।

PM मोदी ने कहा कि भारत ने बीते दस वर्षों में केवल आँकड़ों में ही नहीं, बल्कि विचारों, आत्मविश्वास और देशवासियों की आकांक्षाओं में बड़ा बदलाव लाया है। अब भारत पीछे देखने वाला नहीं, बल्कि भविष्य गढ़ने वाला देश बन चुका है।

‘हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ’ पर प्रधानमंत्री का प्रहार- अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ’ शब्द का भी ज़िक्र किया। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि कभी भारत की 2-3% की वृद्धि दर को ‘हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ’ कहा जाता था। यह एक ऐसी सोच थी, जिसमें भारत की धीमी अर्थव्यवस्था का संबंध हिंदू संस्कृति और सभ्यता से जोड़ दिया गया था। मोदी के अनुसार यह विचार गुलामी की मानसिकता से भरी सोच थी, जिसने पूरे समाज को गरीबी और पिछड़ेपन का प्रतीक बना दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज हर बात में सांप्रदायिकता ढूँढ लेते हैं, उन्हें उस समय इस शब्द में सांप्रदायिकता नज़र नहीं आई। यही शब्द शोध पत्रों और किताबों का हिस्सा बना दिया गया। उन्होंने इसे भारत की सभ्यता का अपमान बताते हुए कहा कि आज भारत की तेज़ विकास दर को कोई इस नाम से नहीं बुलाता, क्योंकि भारत ने अपनी क्षमता और ताकत को साबित कर दिया है।

बदलते भारत की नई तस्वीर- प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत का विकास सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। तकनीक की पहुँच गाँव-गाँव तक बढ़ रही है। छोटे शहर MSME हब बनते जा रहे हैं। किसान अब वैश्विक बाज़ारों से सीधे जुड़ रहे हैं। भारतीय महिलाएँ हर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम कमा रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले बदलाव केवल दबाव में या संकट आने पर किए जाते थे। लेकिन आज भारत में सुधार लगातार और राष्ट्रहित में किए जा रहे हैं।

आज जब भारत की ग्रोथ तेज है, तब इसे कोई हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ नहीं कहता। ये गुलामी की मानसिकता का प्रतिबिंब ही था कि कभी भारत की कमजोर इकोनॉमिक ग्रोथ को हमारी आस्था तक से जोड़ा गया, फिर भी तथाकथित बुद्धिजीवियों को उसमें सांप्रदायिकता नजर नहीं आई।#HTLS2025 pic.twitter.com/f30Ds2ox3Q

— Narendra Modi (@narendramodi) December 6, 2025

नागरिकों पर विश्वास, व्यवस्था में बदलाव- PM मोदी ने कहा कि पुराने समय में सरकार नागरिकों पर भरोसा नहीं करती थी। बहुत-सी औपचारिकताएँ, दस्तावेज़ों की जाँच और बेवजह की दिक्कतें लोगों को परेशान करती थीं। लेकिन अब समय बदल गया है। आज स्वयं-प्रमाणित दस्तावेज भी स्वीकार किए जाते हैं। यह दर्शाता है कि सरकार अपने नागरिकों पर भरोसा करती है और उनकी सुविधा के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत मानसिक रूप से भी औपनिवेशिक सोच की जंजीरों को तोड़ रहा है। हम आत्मविश्वास और स्वतंत्र विचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

लोगों का अनक्लेम्ड पैसा लौटाने की पहल- अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि देश के अलग-अलग बैंकों में नागरिकों का लगभग ₹78,000 करोड़ ऐसा पड़ा है, जिसे लोग अब तक क्लेम नहीं कर पाए हैं। इसी तरह इंश्योरेंस कंपनियों के पास करीब ₹14,000 करोड़, म्यूचुअल फंड में ₹3,000 करोड़ और डिविडेंड के रूप में ₹9,000 करोड़ अनक्लेम्ड पड़ा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार इस पैसे को उसके सही हकदार तक पहुँचाने के लिए बड़ा अभियान चला रही है। देश के करीब 500 जिलों में कैंप लगाकर हजारों करोड़ रुपये लोगों तक पहुँचाए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के अंत में कहा कि आज भारत सपने सिर्फ देख नहीं रहा, बल्कि उन्हें पूरा भी कर रहा है। हमारे युवाओं की आकांक्षाएँ ऊँची हैं और सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत न सिर्फ सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था रहेगा, बल्कि दुनिया का एक प्रमुख नेतृत्वकर्ता देश भी बनेगा।

Topics: Narendra Modi Economic SpeechIndia Fastest Growing EconomyHindu Rate of Growth PM ModiPM Modiभारत की आर्थिक वृद्धिPM Modi speech 2025Women empowerment India
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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