बांग्लादेश के तंगेल जिले के मिर्जापुर उपजिला में जमुर्की पश्चिमपाड़ा नाम की जगह पर एक पुराना हिंदू मंदिर है। यह मंदिर करीब 85 साल से चल रहा है। दुर्गा पूजा की तैयारियां चल रही थीं। वहां मां दुर्गा समेत सात मूर्तियों का काम लगभग पूरा हो चुका था। सिर्फ रंग-रोगन बाकी था। लेकिन बुधवार रात और गुरुवार सुबह के बीच कुछ अज्ञात लोगों ने इन मूर्तियों को तोड़ दिया।
घटना कैसे हुई
जमुर्की आर्य समिति के अध्यक्ष प्रकाश बकाली ने बताया कि बुधवार रात तक मंदिर में लोग मौजूद थे। गुरुवार सुबह जब लोग पहुंचे तो देखा कि मूर्तियां खंडित पड़ी हैं। मूर्तियों का निर्माण लगभग पूरा था। सिर्फ पेंटिंग का काम बाकी बचा था। इस घटना से स्थानीय हिंदू समुदाय के लोग दुखी और चिंतित हैं। उन्हें असुरक्षा का एहसास हो रहा है।
प्रशासन का रुख
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा भी दिलाया है। फिर भी इलाके के अल्पसंख्यक समुदाय में डर का माहौल बना हुआ है।
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पिछले कुछ समय की स्थिति
जुलाई 2024 के बाद से बांग्लादेश में इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। ये घटनाएं अल्पसंख्यक समुदायों के बीच चिंता बढ़ा रही हैं। सिर्फ धार्मिक स्थलों पर ही नहीं, मीडिया कर्मियों पर भी हमले और धमकियां हो रही हैं। मीडिया इनिशिएटिव फॉर डेवलपमेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन महीनों में देश भर में 112 अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 162 पत्रकारों पर हमले, धमकियां या कानूनी कार्रवाई हुई है। इनमें सबसे ज्यादा 89 पत्रकार दैनिक अखबारों से जुड़े थे।
शेख हसीना के मामले में भारत का रुख
इसी दौरान बांग्लादेश पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। अगस्त 2024 के बड़े आंदोलन के बाद वे भारत आ गई थीं। ढाका में भारतीय उच्चायुक्त प्रणाम्य दास त्रिवेदी ने एक चर्चा में साफ कहा कि इस मामले में कोई समयसीमा नहीं दी जा सकती। यह कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी पहले कई बार यही बात कही है कि कानूनी समीक्षा चल रही है। उच्चायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि शेख हसीना को भारतीय सेना या वायुसेना ने नहीं लाया था।
यह घटना दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच हुई है। मंदिर की परंपरा लंबे समय से चली आ रही थी। मूर्तियां लगभग तैयार थीं। अब जांच चल रही है और सुरक्षा के वादे किए गए हैं।
















