एक जमाना था जब रेल के डिब्बे में बैठने के बाद, यात्रा सकुशल पूरी होने के लिए सवारियां हाथ जोड़े प्रार्थना करती थीं कि ‘प्रभु, यात्रा ठीक-ठाक संपन्न हो’। लेकिन अब जमाना बदल रहा है। अब भारतीय रेल दुर्घटना की संभावना को भी कोसों दूर रखने के लिए ‘कवच’ की सुरक्षा में आने वाली है। और इसी कवच को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने में जुटे हैं 50 साल के व्यवसायी और इलेक्ट्रॉनिक्स के विशेषज्ञ सांतनु रॉय। हैदराबाद (तेलंगाना) में 2021 में शुरू हुई इनकी कंपनी प्रोगोटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आज 250 करोड़ रुपए का सालाना व्यवसाय कर रही है तो इसके पीछे सांतनु और उनकी टीम की सतत मेहनत ही है।

भारतीय रेलवे के जतन से तैयार किए इस प्रोजेक्ट के बारे में सांतनु कहते हैं, ‘कवच एंटी कोलीजन डिवाइस का अभी परीक्षण चल रहा है और कुछ ही साल में यह देश के अधिकांश हिस्से में रेल गाड़ियों को टक्कर से मुक्त कर देगा।’
दरअसल कवच एक समग्र सुरक्षा तंत्र है, जिसे पटरी, लोको और केन्द्रीय कंट्रोल सेंटर में एक ही तंत्र से जोड़ा जाता है। यह गलती से एक ही पटरी पर दो रेलगाड़ियों के आने पर सावधान करके किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को दूर कर देता है। मूलत: धनबाद (बिहार) के सांतनु पिछले लगभग 30 से ज्यादा साल से दिल्ली में रह रहे हैं, जहां इनकी कंपनी का हेडक्वार्टर भी है। सांतनु का मन शुरू से इलेक्ट्रॉनिक्स में रमता था इसलिए उन्होंने मन बना लिया था कि इसी क्षेत्र में कुछ करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय मापदंडों पर खरा उतरने वाला ‘कवच’ बनाने के साथ ही, सांतनु विशेष रूप से एलईडी लाइटों से एक से एक उपकरण बनाते हैं और बड़े पैमाने पर बनाते हैं। उनके बनाए यात्री सूचना तंत्र रेल अथवा हवाईजहाज यात्रियों को सभी प्रकार की जानकारी एलईडी डिस्प्ले के माध्यम से देते हैं। सरकार को उनका यह काम इतना पसंद आया कि आज उनके बनाए ये उपकरण देश के 1500 रेलवे स्टेशनों और 40 से अधिक हवाईअड्डों पर बखूबी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सांतनु कहते हैं, अपने उत्पाद में लगातार निखार लाने की कोशिश गुणवत्ता को बढ़ाती है और आपका नाम चमकाती है। सांतनु की दो बेटियां हैं, जो उच्च शिक्षा ले रही हैं और बड़ी वाली तो आगे अपने पिता का इस काम में हाथ बंटाने का मन बना चुकी है।

















