लकड़ी आधारित उत्पादों के क्षेत्र में ‘सेंचुरी प्लाईवुड’ ने जिस ऊंचाई को छुआ है, वह भारतीय उद्योग जगत के लिए एक प्रेरक उदाहरण है। 5,000 करोड़ रू. के सालाना टर्न ओवर वाली कंपनी प्लाईवुड, लैमिनेटिड शीट (सजावटी सामग्री), डेकोरेटिव वेनीर (लकड़ी की पतली परत), मीडियम डेंसिटी फाइबर बोर्ड (एम.डी.एफ.), पार्टिकल बोर्ड, पी.वी.सी. शीट्स और दरवाजों जैसे विविध उत्पाद बनाती है। अपने अनुसंधान और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध यह कंपनी लगातार नए उत्पादों और तकनीकों को अपनाकर देश-विदेश में अपनी साख बढ़ा रही है।
सेंचुरी प्लाईवुड के संस्थापक हैं- सज्जन भजनका और संजय अग्रवाल। इन दोनों ने अपनी दूरदर्शिता और साहस के बल पर इस कंपनी को राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। सज्जन भजनका बताते हैं, “सेंचुरी प्लाईवुड की स्थापना 1986 में कोलकाता में हुई। धीरे-धीरे काम बढ़ा और देश के विभिन्न हिस्सों में उत्पादन इकाइयां स्थापित की गईं।” आज कंपनी की इकाइयां कोलकाता, गुवाहाटी (असम), करनाल (हरियाणा), रुड़की (उत्तराखंड), होशियारपुर (पंजाब), कांडला (गुजरात), चेन्नई (तमिलनाडु) और बड़वेल (आंध्र प्रदेश) में स्थित हैं।

इन सभी इकाइयों और मुख्यालय में मिलाकर लगभग 15,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। सेंचुरी प्लाईवुड की उत्पादन क्षमता अपने आप में भारतीय उद्योग जगत के लिए एक मानक है। यह कंपनी प्रतिदिन 2,000 घनमीटर मीडियम डेंसिटी फाइबर बोर्ड, 1,000 घनमीटर पार्टिकल बोर्ड, 1,000 घन मीटर प्लाईवुड और 30,000 लैमिनेटिड शीट्स बनाती है। ‘सेंचुरी प्लाईवुड’ केवल भारत में नहीं, बल्कि विश्व के कई देशों में अपनी पहचान बना चुकी है। कंपनी अपने उत्पादों का अमेरिका, यूरोप, सिंगापुर, मध्य-पूर्व और इंडोनेशिया सहित 20 से अधिक देशों में निर्यात करती है।
श्री भजनका कहते हैं, “हर उद्यमी को कभी न कभी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कुछ वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्वोत्तर भारत में लकड़ी के व्यापार पर सख्त नियम लागू किए गए, जिससे कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हुई। उस समय हमने तिनसुकिया की इकाई से ध्यान हटाकर कोलकाता पर केंद्रित किया। यह निर्णय कठिन था, परंतु वही कंपनी के लिए सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। न केवल काम जारी रहा, बल्कि विस्तार भी हुआ।”

















