डीजीसीए ने पुरी जगन्नाथ मंदिर को तीन साल के लिए ‘रेड जोन’ घोषित किया, ड्रोन खतरों से सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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डीजीसीए ने पुरी जगन्नाथ मंदिर को तीन साल के लिए ‘रेड जोन’ घोषित किया, ड्रोन खतरों से सुरक्षा के कड़े इंतजाम

देश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक श्री जगन्नाथ मंदिर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पुरी स्थित ऐतिहासिक मंदिर परिसर को "रेड जोन" घोषित कर दिया है। य

Written byडॉ. समन्वय नंदडॉ. समन्वय नंद — edited by Mahak Singh
Oct 11, 2025, 03:38 pm IST
inओडिशा

देश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक श्री जगन्नाथ मंदिर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पुरी स्थित ऐतिहासिक मंदिर परिसर को “रेड जोन” घोषित कर दिया है। यह प्रतिबंध 25 सितंबर, 2028 तक प्रभावी रहेगा। इस कदम का उद्देश्य अनधिकृत ड्रोन उड़ानों पर अंकुश लगाना और 12वीं शताब्दी के पवित्र स्थल के आसपास हवाई सुरक्षा को मजबूत करना है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं।

पुरी के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने बताया कि पुलिस महानिदेशालय (डीजीसीए) ने आधिकारिक तौर पर पुरी श्रीमंदिर और आसपास के क्षेत्रों को तीन साल के लिए रेड जोन घोषित कर दिया है। इस प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी वस्तु, विशेषकर ड्रोन को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। कई ड्रोनों को पहले से ही रेड जोन में प्रवेश करने से रोकने के लिए प्रोग्राम किया गया है, लेकिन कुछ ऑपरेटर इन सुरक्षा प्रणालियों को दरकिनार कर ड्रोन उड़ाते हैं। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसपी प्रतीक सिंह ने बताया कि ओडिशा पुलिस ने पहले ही परिवहन और संचार मंत्रालय के माध्यम से डीजीसीए को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें मंदिर की हवाई सीमा को उच्च सुरक्षा क्षेत्र घोषित करने का अनुरोध किया गया था। डीजीसीए ने इस प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए मंदिर परिसर के हवाई क्षेत्र का तकनीकी सर्वेक्षण करने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की थी। उनकी सिफारिशों के आधार पर 25 सितंबर को जारी अधिसूचना में श्रीमंदिर और इसके आसपास के क्षेत्रों को औपचारिक रूप से ‘रेड जोन’ घोषित किया गया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैनात किए गए हैं, जो किसी भी संदिग्ध या अवैध ड्रोन की पहचान, रोकथाम और निष्क्रिय करने में सक्षम हैं। इन अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से हवाई घुसपैठ को रोका जा सकेगा और श्रद्धालुओं एवं मंदिर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डीजीसीए की यह नई अधिसूचना मंदिर के पूर्व घोषित “नो-फ्लाई ज़ोन” दर्जे को उन्नत कर “रेड जोन” में परिवर्तित करती है, जिसके तहत और अधिक सख्त वायु क्षेत्र प्रतिबंध लागू होंगे। यह निर्णय हाल के महीनों में मंदिर के ऊपर अनधिकृत ड्रोन उड़ान की कई घटनाओं के बाद लिया गया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी।

मंदिर परिसर पर ड्रोन उड़ान पर पाबंदी, विशेष अनुमति अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी मानव रहित विमान प्रणाली या ड्रोन को मंदिर के ऊपर या आसपास उड़ाने के लिए डीजीसीए की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। संशोधित वायु क्षेत्र मानचित्र में मंदिर परिसर और इसके आस-पास के क्षेत्र को उच्च सुरक्षा क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही, ड्रोन संचालकों के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर अनिवार्य कर दिया गया है और उन्हें इस क्षेत्र में उड़ान भरने से पहले विशेष अनुमति लेनी होगी। ‘रेड जोन’ का यह दर्जा 25 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि डीजीसीए इसे संशोधित या नवीनीकृत नहीं करता। इस क्षेत्र में बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की हवाई गतिविधि जैसे ड्रोन फोटोग्राफी या निगरानी को भारत के नागरिक उड्डयन कानूनों और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियमों के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।

यह निर्णय उस समय आया है जब इस वर्ष कई बार मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ाने की घटनाएं सामने आईं, जबकि वहां पहले से नो-फ्लाई ज़ोन लागू था। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने इन घटनाओं पर चिंता जताई थी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने निगरानी को और कड़ा कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि नई रेड जोन व्यवस्था से प्रमुख धार्मिक आयोजनों—विशेषकर विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा को और पुख्ता किया जा सकेगा, जब लाखों श्रद्धालु पुरी में एकत्रित होते हैं। डीजीसीए का यह कदम देशभर में बढ़ते ड्रोन दुरुपयोग के प्रति प्रशासनिक सतर्कता और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अब पुलिस, डीजीसीए और स्थानीय प्रशासन मिलकर हवाई निगरानी, कानूनी प्रवर्तन और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से इन नियमों के पालन को सुनिश्चित करेंगे। इस सख्त व्यवस्था के साथ, श्रद्धालुओं और मंदिर की पवित्रता की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ओडिशा ही नहीं, बल्कि भारत और विश्व भर के हिंदू श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र पुरी श्री जगन्नाथ मंदिर अब ‘रेड जोन’ सुरक्षा घेरे में रहेगा, ताकि इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा बरकरार रहे।

Topics: DGCAOdisha Newsodisha latest newsAnti-Drone SystemPuri Shri Jagannath TempleRed ZoneDrone Ban
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