भारत ने अग्नि-5 और अग्नि-6 (सूर्य) मिसाइलों का सफल परीक्षण करके अपनी सामरिक और परमाणु शक्ति में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। भारत की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत अब मिसाइल और परमाणु शक्ति के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है। परमाणु बम और उनकी प्रक्षेपण क्षमता के मामले में भारत पूरी तरह आत्मनिर्भर है, और इसके लिए किसी अन्य देश पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
हाथी के प्रतीक के रूप में भारत
विश्व में भारत को हाथी के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। हाथी शक्ति, धैर्य, विवेक और विशालता का प्रतीक है। यह मन्थर गति से चलता है, पर क्रोधित होने पर तहस-नहस कर देता है। इसी प्रकार भारत अपनी सैन्य और परमाणु शक्ति में भी मजबूत और सशक्त है। वैश्विक दृष्टि से भारत का यह प्रतीक शक्ति और रणनीति में संतुलन का परिचायक है।
परमाणु बम और प्रक्षेपास्त्र
भारत के पास लगभग 150-200 परमाणु बम होने का अनुमान विदेशी रक्षा विशेषज्ञ लगाते हैं। भारत ने 1998 में अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में सफल परमाणु परीक्षण कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। परमाणु बम अपने आप में पर्याप्त नहीं हैं; इन्हें प्रक्षेपित करने के लिए अचूक प्रक्षेपास्त्रों की आवश्यकता होती है। इसके लिए जल, थल और नभ में सक्षम प्लेटफार्म भी तैयार हैं। यही कारण है कि भारत पूरी तरह से आत्मनिर्भर है और अपनी सुरक्षा की दृष्टि से वैश्विक मानक पर खड़ा है।
मिसाइल विकास में स्वदेशी सफलता
भारत की अधिकांश मिसाइलें IGMDP (Integrated Guided Missile Development Program) के अंतर्गत DRDO द्वारा विकसित की गई हैं। इनका औद्योगिक उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाता है। भारत ने क्रायोजेनिक इंजन और विशेष ईंधन भी पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित किया, जबकि अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने तकनीक देने से इनकार किया। रूस भी इच्छुक था, लेकिन अन्य देशों के दबाव के कारण दे नहीं सका। इस प्रकार भारत ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा और परिश्रम से पूरी तरह आत्मनिर्भर मिसाइल तकनीक तैयार की।
सूर्य (अग्नि-6) मिसाइल
सूर्य मिसाइल भारत की सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली ICBM है। इसकी मारक क्षमता 12000-16000 किलोमीटर है, और यह 9-12 परमाणु बम एक साथ ले जा सकती है। इसकी गति 10-12 से 24 मैक तक है। सूर्य मिसाइल को विशेष प्रकार के रेल या ट्रक TEL (Transporter-Erector-Launcher) से फायर किया जा सकता है। इसका परीक्षण अग्नि-6 के रूप में किया गया है, जो अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल श्रेणी में आता है और दुनिया के किसी भी हिस्से में परमाणु हथियार पहुंचाने में सक्षम है।
अग्नि श्रेणी की मिसाइलें
अग्नि-1 से लेकर अग्नि-6 तक कुल छह प्रकार की मिसाइलें हैं। अग्नि-1 और अग्नि-2 MRBM (Medium Range Ballistic Missile) श्रेणी में आती हैं। अग्नि-3 और अग्नि-4 IRBM (Intermediate Range Ballistic Missile) श्रेणी की हैं। अग्नि-5 और अग्नि-6 ICBM (Intercontinental Ballistic Missile) श्रेणी की हैं। अग्नि-5 की मारक क्षमता 5500-8000 किमी और अग्नि-6 (सूर्य) की 12000-16000 किमी तक है। ये सभी परमाणु और परंपरागत हथियार ले जाने में सक्षम हैं और MIRV (Multiple Independently targetable Re-entry Vehicle) तकनीक से सुसज्जित हैं।
ब्रह्मोज (BrahMos) मिसाइल
ब्रह्मोज भारत और रूस का सहयोगी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसकी गति ध्वनि की तुलना में तीन गुना अधिक है (3 Mach), और यह लगभग 1 किमी प्रति सेकंड की दर से उड़ सकती है। इसकी मारक क्षमता संस्करण 1 में 270-300 किमी और संस्करण 2 में 600 किमी है। यह मिसाइल फायर और भूल जाओ (fire and forget) तकनीक से लैस है। इसे युद्धक विमान, समुद्री पोत और भूमि से प्रक्षेपित किया जा सकता है। ब्रह्मोज भारत का “ब्राह्मास्त्र” माना जाता है।
पृथ्वी मिसाइल
पृथ्वी Tactical मिसाइल है। इसके तीन संस्करण हैं: पृथ्वी-1 की रेंज 150 किमी, पृथ्वी-2 की रेंज 250 किमी और पृथ्वी-3 की रेंज 350 किमी है। पृथ्वी-1 थल सेना के लिए, पृथ्वी-2 वायुसेना के लिए और पृथ्वी-3 जल सेना के लिए विकसित की गई है। यह मिसाइल conventional और nuclear warhead दोनों ले जा सकती है।
धनुष और त्रिशूल मिसाइल
धनुष मिसाइल पोत से पोत और पोत से धरती पर मार कर सकती है। यह 250-700 किमी की रेंज में वारहेड ले जा सकती है। त्रिशूल मिसाइल भूमि से हवा में मारने वाली short-range मिसाइल है। यह वायुयान, ड्रोन और आगामी मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है।
नाग और पिनाका मिसाइलें
नाग मिसाइल मुख्य रूप से anti-tank है। इसकी मारक क्षमता 3-7 किमी है। यह टैंक, आर्मर्ड वाहन और अन्य लक्ष्यों पर प्रयोग की जा सकती है। पिनाका Multi-Barrel Rocket System है। मार्क-1 संस्करण 40 किमी और मार्क-2 संस्करण 65-120 किमी की रेंज में मार सकता है। कारगिल युद्ध में इसका प्रभावी प्रयोग हुआ था।
काली (KALI) लेज़र हथियार
काली (Kilo Ampere Linear Injector) अदृश्य लेज़र बीम आधारित हथियार है। यह दुश्मनों के हथियार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को हवा में ही नष्ट कर सकता है। काली 5000 और काली 10000 संस्करण अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। अमेरिका को छोड़ कोई अन्य देश इस तकनीक के पास नहीं है। यह silent killer के रूप में जाना जाता है और चीन-पाकिस्तान को भयभीत करता है।
विश्व शक्ति संपन्न राष्ट्र
भारत की मिसाइलें, परमाणु बम और अत्याधुनिक हथियार इसे विश्व शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाते हैं। सूर्य, अग्नि, ब्रह्मोज, पृथ्वी, धनुष, त्रिशूल, नाग, पिनाका और काली हथियार भारत की सुरक्षा और सामरिक श्रेष्ठता की गारंटी हैं। भारत पूरी तरह आत्मनिर्भर है और अपनी सुरक्षा के मामले में किसी पर निर्भर नहीं। यह शक्ति और तकनीक भारत को विश्व में सम्मान और सुरक्षा देती है।
















