इतिहास के पन्नों में 12 जून का दिन अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। इस दिन विज्ञान, अंतरिक्ष, रक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज हुईं। भारतीय उपग्रह के सफल प्रक्षेपण से लेकर विश्व के सबसे बड़े ट्विनजेट विमान की पहली उड़ान तथा ब्रह्मोस मिसाइल के सफल परीक्षण तक, 12 जून ने प्रगति और नवाचार की नई मिसालें कायम कीं। साथ ही, यह दिन विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के रूप में बच्चों के अधिकारों और उनके बेहतर भविष्य के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश भी देता है। आइए जानते हैं 12 जून की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में-
- 1897 – पुणे में पहली बार शिवाजी उत्सव मनाया गया।
12 जून 1897 को पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से पहली बार शिवाजी उत्सव का आयोजन किया गया।
- 1990 – फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से भारतीय उपग्रह ‘इनसेट-1डी’ का सफल प्रक्षेपण।
- 1994 – दुनिया के सबसे बड़े ट्विनजेट विमान ‘बोइंग 777’ ने पहली उड़ान भरी।
- 2001 – ओडिशा में ब्रह्मोस मिसाइल का पहला सफल परीक्षण किया गया।
ब्रह्मोस मिसाइल का पहला सफल परीक्षण 12 जून, 2001 को ओडिशा के तट पर किया गया था। इस मिसाइल को भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित किया गया था। ब्रह्मोस को दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों में से एक माना जाता है और इसे ज़मीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किया जा सकता है। इस सफल परीक्षण ने भारत की रक्षा क्षमताओं को काफी मजबूत किया।
- 2002 – विश्व बाल श्रम निषेध दिवस।
12 जून 2002 को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस ने बाल श्रम की समस्या के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाने की शुरुआत की। इस दिन का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार दिलाने के लिए लोगों को जागरूक करना तथा बाल श्रम को समाप्त करने के लिए सरकारों, संस्थाओं और समाज को एकजुट करना है। आज यह दिवस दुनिया भर में बच्चों के कल्याण और उनके अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है।












