अमेरिका में एक बार फिर से भारतीयों पर नस्लीय हमले किए गए हैं। इस बार एक 70 वर्षीय बुजुर्ग सिख को निशाना बनाया गया है। बुजुर्ग का नाम है साहिब सिंह, जो कि कैलिफोर्निया के मंटेका शहर में रहते हैं। हमलावरों ने उन पर गोल्फस्टिक से हमला किया। उनके चेहरे की हड्डी टूट गई है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ये घटना बीते 5 अगस्त की है। हमेशा की तरह सुबह के करीब 6 बजे साहिब सिंह सैर करने के लिए अपने घर से निकले थे, उसी दौरान उनपर ये हमला किया गया। इसके साथ ही हमलावरों ने उनके ट्रक पर ‘गो बैक टु योर कंट्री’ का नस्लभेदी नारा भी लिख दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
बताया जाता है कि ये वारदात कैलिफोर्निया के मंटेका शहर में हुई। साहिब सिंह रोज़ की तरह सुबह की सैर के लिए निकले थे, उसी दौरान दो नकाबपोश व्यक्तियों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने साहिब सिंह को गोल्फ क्लब से मारा, जिससे उनके सिर और शरीर पर गहरी चोटें आईं।
हमले के दौरान, हमलावरों ने नस्लीय टिप्पणियां की और उनके ट्रक पर “गो बैक टू योर कंट्री” लिख दिया। इस हमले को पास के एक घर के सिक्योरिटी कैमरे में रिकॉर्ड किया गया, जिसने इस क्रूरता को उजागर किया। साहिब सिंह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई।
सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि साहिब सिंह अपनी सुबह की सैर पर थे, जब दो नकाबपोश लोग उनके पास आए। शुरुआत में कुछ बातचीत हुई, लेकिन जल्द ही स्थिति बिगड़ गई। जब साहिब सिंह ने हमलावरों को पास करने की कोशिश की, तो उनमें से एक ने गोल्फ क्लब से उनके सिर पर वार किया। इसके बाद, दोनों ने मिलकर उन्हें बार-बार मारा, जिससे वह ज़मीन पर गिर गए। हमले के बाद हमलावर मौके से भाग गए, और साहिब सिंह को पड़ोसियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने हेट क्राइम के तौर पर शुरू की जांच
मंटेका पुलिस ने इस घटना को संभावित घृणा अपराध के रूप में जांच शुरू कर दी है। सिक्योरिटी फुटेज और ट्रक पर लिखे नस्लीय नारों के आधार पर, पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। सिख कोएलिशन, एक सिख-अमेरिकी संगठन, ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और पुलिस से इसे गंभीरता से लेने की मांग की है। स्थानीय सिख समुदाय ने भी इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया और साहिब सिंह के लिए न्याय की मांग की। समुदाय के लोग डरे हुए हैं, लेकिन वे एकजुट होकर इस तरह की हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं।

















