केरल के कन्नूर सेंट्रल जेल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। 2011 में 23 साल की सौम्या के बलात्कार और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा गोविंदाचामी शुक्रवार तड़के हाई-सिक्योरिटी जेल से फरार हो गया। यह घटना सुबह करीब 1:15 बजे की है, जब गोविंदाचामी ने 25 फीट ऊंची जेल की दीवार को कपड़े की रस्सी बनाकर पार किया। इस सनसनीखेज जेलब्रेक ने पूरे केरल में हड़कंप मचा दिया है।
कैसे हुआ जेलब्रेक?
गोविंदाचामी, जिसे चार्ल्स थॉमस के नाम से भी जाना जाता है, तमिलनाडु के करूर का रहने वाला है। वह जेल के 10वें ब्लॉक की हाई-सिक्योरिटी सेल में अकेले बंद था। पुलिस के मुताबिक, उसने अपनी सेल की लोहे की सलाखों को काटा और कपड़ों को जोड़कर रस्सी बनाई। इसके बाद उसने 25 फीट ऊंची दीवार, जिसके ऊपर बिजली का करंट भी था, को पार किया। हैरानी की बात यह है कि गोविंदाचामी का एक हाथ नहीं है, फिर भी वह इस जोखिम भरे कारनामे को अंजाम देने में कामयाब रहा। जेल अधिकारियों को उसकी गैरमौजूदगी का पता सुबह 5 बजे नियमित जांच के दौरान चला। सीसीटीवी फुटेज में उसे रात 1 बजे के आसपास दीवार फांदते देखा गया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जेलब्रेक के समय दीवार की बिजली बंद थी, जिसने सवाल उठाए हैं कि क्या इसमें कोई साजिश थी।
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सौम्या केस: एक दिल दहलाने वाला अपराध
गोविंदाचामी को 2011 में सौम्या केस में दोषी ठहराया गया था। सौम्या, कोच्चि के एक शॉपिंग मॉल में काम करने वाली 23 साल की लड़की, 1 फरवरी 2011 को एर्नाकुलम-शोरानूर पैसेंजर ट्रेन में अकेले सफर कर रही थी। गोविंदाचामी ने उसे ट्रेन से धक्का दे दिया, फिर जंगल में ले जाकर उसका बलात्कार किया। सौम्या की 6 फरवरी को त्रिशूर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे। गोविंदाचामी को 2012 में फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी, जिसे केरल हाईकोर्ट ने बरकरार रखा। लेकिन 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने हत्या का आरोप हटाते हुए सजा को उम्रकैद में बदल दिया।
पुलिस की तलाश और जनता से अपील
जेलब्रेक की खबर मिलते ही केरल पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। रेलवे स्टेशन, बस डिपो और आसपास के इलाकों में सघन जांच चल रही है। पुलिस ने गोविंदाचामी की ताजा तस्वीर जारी की और जनता से 9446899506 पर किसी भी जानकारी के लिए संपर्क करने की अपील की। सौम्या की मां ने जेलब्रेक को पुलिस की मिलीभगत का नतीजा बताया और तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। इस घटना ने जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

















