बेंगलुरु : बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्थित नडावी मंडी रेस्टोरेंट द्वारा साझा किए गए एक विज्ञापन ने सोशल मीडिया पर भारी विवाद खड़ा कर दिया है। ‘विशु’ उत्सव के अवसर पर जारी किए गए इस प्रोमोशनल पोस्टर में भगवान कृष्ण की तस्वीर को मांसाहारी भोजन (नॉन-वेज) के साथ दिखाए जाने पर हिंदू समुदाय और श्रद्धालुओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
दरअसल, बेंगलुरु के कोनाप्पना अग्रहारा (इलेक्ट्रॉनिक सिटी) में स्थित नडावी मंडी रेस्टोरेंट ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर ‘विशु’ की शुभकामनाएं देते हुए एक पोस्टर साझा किया था। इस पोस्टर में भगवान कृष्ण के एक बाल-रूप (एनिमेटेड) वाले चित्र को एक मेज के पीछे से झांकते हुए दिखाया गया था, जिसमें उनके हाथ में चिकन (मांस का एक टुकड़ा) था।
धार्मिक भावनाओं का अपमान
पोस्टर के आगे वाले हिस्से में रोस्टेड चिकन से सजी बिरयानी की एक बड़ी थाली प्रमुखता से दिखाई गई थी। विशू की शुभकामनाओं के साथ इस आपत्तिजनक पोस्टर को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया गया। इस पोस्ट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, लोगों ने कमेंट के जरिए उस पोस्ट पर अपनी आपत्तियां जतानी शुरू कीं। हिंदुओं के लिए ‘विशु’ (मलयालम नव वर्ष) एक अत्यंत पवित्र त्योहार है, जिसमें ‘विशुक्कनी’ जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं जो शुद्धता और समृद्धि के प्रतीक हैं। भगवान कृष्ण जिन्हें सात्विक और शाकाहारी परंपराओं का प्रतीक माना जाता है, उन्हें सीधे तौर पर मांस के साथ जोड़कर दिखाना श्रद्धालुओं के लिए गहरा अपमान था।
भारी विरोध के बाद रेस्टोरेंट ने हटाई पोस्ट
जैसे ही नडावी मंडी का पोस्टर वायरल हुआ, लोगों ने रेस्टोरेंट की रेटिंग गिराना और बहिष्कार की मांग करना शुरू कर दिया। लोगों कमेंट बॉक्स में तर्क देते हुए लिखा कि विज्ञापन के नाम पर किसी भी धर्म के आराध्य का ऐसा अपमान स्वीकार्य नहीं है। भारी विरोध के चलते रेस्टोरेंट ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट को डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। बता दें कि इस ब्रैंड के रेस्टोरेंट बेंगलुरू और दुबई में भी हैं, सभी जगह पर इन्हें बॉयकाट करने के मैसेज आने लगे थे।
क्या जानबूझकर किया गया ऐसा?
विशु केरल में रहने वाले हिंदुओं के लिए आस्था का केंद्र है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है और फलों, फूलों व अनाज के साथ ‘विशुक्कनी’ सजाई जाती है। बहुत से लोगों का मानना है कि भगवान की छवि बिगाड़ने के लिए जानबूझकर उनको मांस के साथ दिखाया गया। यह न केवल परंपराओं का अपमान है बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश है जिससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा सके।
केरल में भी सामने आए ऐसे ही मामले, की लोगों को किया गया गिरफ्तार
यह केवल बेंगलुरु की इकलौती घटना नहीं है। हाल के दिनों में केरल के विभिन्न जिलों में भी इसी तरह के विवादास्पद विज्ञापन सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है।
केरल के अलाप्पुझा (चेरथला) में ‘मेहर मंडी एंड ग्रिल्स’ नाम के एक रेस्टोरेंट ने भगवान कृष्ण और चिकन बिरयानी का विज्ञापन जारी किया था। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और अन्य संगठनों के विरोध के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 192 के तहत मामला दर्ज किया और अरशद नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया।
इसी तरह मलप्पुरम (अंगादिपुरम) के ‘यमामा शाया होटल’ ने भी ऐसा ही पोस्टर सोशल मीडिया पर डाला था। मानकाडा पुलिस ने सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के आरोप में मामला दर्ज कर तीन लोगों मुस्तफा, शाहुल हमीद और मोहम्मद शाहिल को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और टैबलेट भी जब्त कर लिए हैं।
इनके अलावा एराट्टुपेट्टा के ‘गो ग्रिल मंडी महल’, कोझिकोड के ‘थलस्सेरी किचन’ और ‘मंडी मंजिल होटल ग्रुप’ के खिलाफ भी इसी तरह के विवादित पोस्टर्स को लेकर चर्चा और विरोध हो रहा है।

















