6 माह में 1555 महिलाएं हिंसा का शिकार, अधिकतर पीड़ित बच्चियां : बांग्लादेश महिला परिषद के चौंकाने वाले आंकड़े
June 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

6 माह में 1555 महिलाएं हिंसा का शिकार, अधिकतर पीड़ित बच्चियां : बांग्लादेश महिला परिषद के चौंकाने वाले आंकड़े

शेख हसीना के जाने के बाद बांग्लादेश में महिला हिंसा की बाढ़ आई है। बांग्लादेश महिला परिषद की रिपोर्ट में बलात्कार, हत्या और उत्पीड़न की भयावह रिपोर्ट सामने आई है। पढ़ें पूरी जानकारी...

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Jul 4, 2025, 04:43 pm IST
in विश्व

बांग्लादेश में शेख हसीना के जाने के बाद जो अराजकता फैली थी, उसके शिकार हिंदू हुए। महिलाएं पर जुल्म ढाए गए। महिलाओं के साथ बलात्कार से लेकर भीड़ में भी पीटे जाने की घटनाएं हुई हैं। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार कहने के लिए बड़ी बड़ी बातें करती है, मगर उसके अपने देश में महिलाओं की क्या स्थिति है, वह यह रिपोर्ट दिखाती है।

इस रिपोर्ट को बांग्लादेश महिला परिषद ने बनाया है और यह रिपोर्ट बांग्लादेश महिला परिषद की केंद्रीय कानूनी सहायता उप-समिति द्वारा संग्रहित 15 राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों की खबरों का विश्लेषण करके तैयार की गई है। इसे 1 जुलाई को मीडिया के सामने जारी किया गया।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान परस्ती की जड़ें : पश्चिमी मीडिया और पाकिस्तान के गठजोड़ की इनसाइड स्टोरी

जून में 200 से ज्यादा महिलाओं के साथ हिंसा

इस रिपोर्ट में लिखा है कि कैसे जून के ही महीने में अकेले 203 महिलाएं हिंसा का शिकार हुई है और इनमें 87 बच्चियाँ है। newdhakatimes के अनुसार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 43 बच्चों सहित 65 महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ था। 5 बच्चों सहित 8 महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ और 3 महिलाओं की हत्या बलात्कार के बाद कर दी गई। 7 बच्चों के साथ बलात्कार का प्रयास हुआ।

पीड़िताओं में बच्चियां और दिव्यांग भी शामिल 

जून में ही 2 महिलाओं ने पीछा करने की वजह से आत्महत्या कर ली। इसके अलावा 13 बच्चों समेत 68 महिलाओं की अलग-अलग वजहों से हत्या कर दी गई। 2 बच्चों समेत 11 महिलाओं की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। एक महिला पर तेजाब से हमला किया गया, जबकि 3 महिलाएं झुलस गईं, जिनमें से 2 की मौत हो गई। जो पीड़ित महिलाएं हैं, उनमें दिव्यांग महिलाएं भी हैं। मई में बलात्कार के 59 मामले सामने आए थे।

यह भी पढ़ें- राशन कार्ड को आधार से लिंक करना क्यों जरूरी है और इसे घर बैठे कैसे करें?

मई महीने से अज्ञात शव मिलने की संख्या में भी वृद्धि हुई है और साथ ही राजनीतिक हिंसा में भी कमी नहीं आई है।

बच्चियों से लेकर किशोरियों तक हर उम्र की लड़कियां शिकार हुई हैं। जून के महीने में 63 बलात्कारों के शिकार में 19 बच्चे हैं और 23 किशोर। सामूहिक बलात्कार के मामलों में दो बच्चियाँ, तीन किशोरियाँ और आठ वयस्क महिलाएं हैं।

महिलाओं के लिए असुरक्षित बांग्लादेश 

यह आँकड़े भयभीत करने वाले हैं। यह दिखाते हैं कि किस प्रकार महिलाओं के प्रति बांग्लादेश में माहौल बिगड़ रहा है। अभी एक हिन्दू महिला के साथ बलात्कार का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है और पिछले दिनों एक ऐसी प्रोफेसर का भी इंटरव्यू वायरल हुआ था, जिन्होनें शेख हसीना को हटाने के अभियान में भाग लिया था और अब यह कहा था कि शेख हसीना के जाने के बाद महिलाओं की हालत बांग्लादेश में बहुत खराब हो गई है।

यह भी पढ़ें – क्या आपका फोन हैक हो गया है? जानिए आसान तरीका

यह भी मामले सामने आए कि कैसे कट्टरपंथियों के आगे यूनुस सरकार ने घुटने टेके, फिर चाहे वह महिला आयोग द्वारा की गई अनुशंसाओं को न मानना हो या फिर महिला खिलाड़ियों को सुरक्षित माहौल न देना।

वास्तविक आंकड़ा इससे भी अधिक 

बांग्लादेश महिला परिषद की अध्यक्ष डॉ. फौज़िया मोस्लेम ने कहा, “ये आँकड़े केवल दर्ज मामलों को दर्शाते हैं। वास्तविक संख्याएँ इससे कहीं ज़्यादा हो सकती हैं, क्योंकि सामाजिक कलंक और कानूनी जटिलताओं के कारण कई घटनाएँ रिपोर्ट ही नहीं की जातीं।” उन्होंने आगे बताया कि संगठन महिलाओं के खिलाफ़ हिंसा से निपटने के लिए सरकार से अपील के तहत कानूनों के सख्त क्रियान्वयन, जागरूकता बढ़ाने और पीड़ितों के लिए ज़्यादा सुरक्षित आश्रय की माँग कर रहा है।

उठे राजनीतिक प्रश्न

इस रिपोर्ट को लेकर अब राजनीतिक प्रश्न भी उठ रहे हैं। बांग्लादेश छात्र लीग के अध्यक्ष और ढाका विश्वविद्यालय केंद्रीय छात्र संघ के पूर्व सहायक महासचिव हुसैन सद्दाम ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि यूनुस सरकार पूरी तरह से महिला और बच्चों के मामले में विफल रही है। हिंसा की यह महामारी महीनों से चली आ रही राज्य की उदासीनता और कानून प्रवर्तन की पूर्ण विफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है। यह एक ऐसे समाज का भयावह प्रतिबिंब है जहां इस्लामी भीड़ का हौसला बुलंद है, राजनीतिक प्रतिशोध अनियंत्रित है और यह भी सच है कि लोगों के मन में दंड का डर नहीं है। महिलाएं और बच्चे एक अवैध सरकार की कीमत चुका रहे हैं जिसके पास कार्रवाई करने की न तो क्षमता है और न ही साहस।

महामारी के स्तर की आपदा

बांग्लादेश समाज कल्याण और महिला एवं बाल मामलों के मंत्रालय की सलाहकार शर्मीन एस मुर्शिद ने 20 जून से 29 जून तक बांग्लादेश में बलात्कार के लगभग 24 मामले सामने आने पर अपनी बात कही है। ढाकाट्रिब्यून के अनुसार उन्होनें इसे “महामारी के स्तर की आपदा” कहा है।

यह भी पढ़ें- तुर्की का भारत विरोधी एजेंडा: बांग्लादेश और पाकिस्तान के सहारे घेरने की साजिश, निशाने पर ये राज्य

उन्होनें गुरुवार में सचिवालय में प्रेस ब्रीफिंग में बात रखते हुए कहा कि उपजिला स्तर पर क्विक रीस्पान्स टीम बनाने के लिए कदम उठा लिए गए हैं। उन्होनें यह भी कहा कि सरकारें आईं और गईं, मगर इस समस्या का समाधान नहीं मिल सका। इसके साथ ही उन्होनें इसके लिए राजनीति, ड्रग, तकनीक और सामाजिक मूल्यों के पतन को जिम्मेदार बताया। उन्होनें कहा कि एक 10 साल के बच्चे ने ढाई साल की बच्ची के साथ यौन शोषण किया है। हम इसे कैसे समझा सकते हैं? उस बच्चे को तो यह भी समझ में नहीं आ रहा कि उसने क्या किया है।

बच्चों के लिए पोर्नोग्राफ़ी को भी प्रतिबंधित करने की उन्होनें बात की और साथ ही यह भी कहा कि मदरसों में भी यौन उत्पीड़न हो रहा है और हमारे अधिकारियों को स्कूल्स और मदरसों में लगातार जाना चाहिए।

Topics: Mohammad Yunus सरकार विफलताBangladesh women rape casesBangladesh unrest after HasinaBangladesh Women Council Report 2024यूनुस अंतरिम सरकारबांग्लादेश हिन्दू उत्पीड़नIslamic mob violence in Bangladeshrape statistics Bangladesh Juneपाञ्चजन्य विशेषBangladeshi women rights crisisबांग्लादेश महिला हिंसा रिपोर्टSheikh Hasina vs interim governmentशेख हसीना के बाद अराजकताUN human rights Bangladesh
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

राहुल गांधी

विशेष रिपोर्ट : बोलने से पहले इतिहास पढ़ें ‘राहुल’

आज का श्लोक : सन्तः सन्तप्यन्ते न दुःखेषु

‘महंगाई काबू में और देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत स्थिति में’- प्रो. गौरव वल्लभ

तराई में कन्वर्जन कराने की शिकायत मिलने के बाद जांच करते उधम सिंह नगर प्रशासन के अधिकारी

उत्तराखंड से विशेष रिपोर्ट : तराई में कन्वर्जन की छाया

आज का श्लोक : शनैः पन्थाः शनैः कन्था शनैःपर्वतलंधनम्।

विशेष रिपोर्ट : अभेद्य द्वार, निर्णायक वार

Load More

ताज़ा समाचार

CM Yogi Gyan Bharatam Mission UP Tourism Policy Neem Karoli Baba Circuit

नीम करोली बाबा सर्किट से शिवाजी महाराज म्यूजियम तक! CM योगी का बड़ा ऐलान, UP में दिखेगा सांस्कृतिक पुनर्जागरण

dehradun administration removes illegal prasad shops outside fri rangers colony mazar

देहरादून: FRI रेंजर्स कॉलोनी के बाहर विवादित मजार पर प्रशासन का एक्शन, हटाई गईं अवैध दुकानें

ऑटो में हिंदू लड़की को छेड़ना… GYM को शरीयत नियमों से चलाना- ये कैसी जिहादी मानसिकता?

Cockroach

घर का अनचाहा ‘मेहमान’ है कॉकरोच, इसे दूर करना है जरूरी

कोच्चि IPL विवाद: ललित मोदी बोले-‘मिला था सोनिया गांधी का संरक्षण’

केरल में ‘ओनली फॉर मुस्लिम’ जिम पर बवाल: हिजाब में वर्कआउट, शरीयत कानून और इस्लामिक ड्रेस…

Thiland Pattaya Indian army beaten by trans pib fact check

थाईलैंड में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल को पीटने का वीडियो वायरल: PIB Fact check ने बताया फर्जी

हर बार आग नई, लापरवाही की कहानी वही, ऐसी ही लपटों में दर्ज है ‘अशोक वडेरा’ की बलिदान गाथा

राहुल गांधी

विशेष रिपोर्ट : बोलने से पहले इतिहास पढ़ें ‘राहुल’

प्रतीकात्मक तस्वीर

बुलंदशहर: हनुमान मंदिर में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल, तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज 

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies