झारखंड के रांची में जेपीएससी-जेएसएससी (JPSC-JSSC) परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने राज्य सरकार के साथ-साथ लिबरल और वामपंथी समूहों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने वाले वामपंथियों और राहुल गांधी की तस्वीर साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है।
उन्होंने लिखा, “झारखंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर तथाकथित लिबरल और वामपंथियों ने चुप्पी साध रखी है। जो लोग हर दूसरी जगह विरोध-प्रदर्शन पर गुस्सा दिखाते हैं, वे अचानक तब पूरी तरह शांत हो गए, जब झारखंड में छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज कर रही है।”
‘अब लोकतंत्र खतरे में नहीं है’
अमित मालवीय ने लिखा, “अब कोई हैशटैग नहीं। कोई ‘लोकतंत्र खतरे में है’ वाला भाषण नहीं। आखिर यह सेलेक्टिव गुस्सा क्यों? क्या यह मुद्दा तभी जरूरी है, जब यह उनके राजनीतिक नैरेटिव के अनुरूप हो?”
भाजपा आईटी सेल प्रमुख की ओर से साझा की गई तस्वीर में प्रकाश राज, योगेंद्र यादव, शबाना आजमी, सोनम वांगचुक, अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, प्रशांत भूषण, अभिजीत दीपके, रवीश कुमार, ध्रुव राठी, राणा अय्यूब, स्वरा भास्कर, राजदीप सरदेसाई, मोहम्मद जुबैर, अरुंधति रॉय और सौरभ दास समेत कई लोगों की तस्वीरें दिखाई गई।
दोहरा मापदंड क्यों?
उन्होंने लिखा कि विपक्ष के “दो चेहरे” की सच्चाई देश के सामने आ चुकी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर राजनीतिक फायदे के लिए छात्रों का हितैषी बनने का ढोंग, और झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पेपर लीक के आरोपों पर खामोशी, आखिर ये दोहरा मापदंड क्यों? दिल्ली में छात्रों के नाम पर राजनीति और झारखंड में छात्रों के अधिकारों पर हिटलरशाही। सवाल सीधा है, छात्रों के साथ खड़े हैं या सिर्फ अपनी राजनीति के साथ?
‘देश की बेटी के साथ अमानवीय व्यवहार’
भाजपा की दिल्ली इकाई ने भी अपने एक्स अकाउंट पर छात्रों के प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। पोस्ट में लिखा, “झारखंड में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रही इस छात्रा पर पुलिस ने बेदर्दी से लाठियां बरसाईं। यह बेटी पुलिस के पैर पकड़कर गुहार लगाती रही, गिड़गिड़ाती रही… लेकिन इस संवेदनहीन प्रशासन का दिल नहीं पसीजा। राहुल गांधी-हेमंत सोरेन, न्याय मांगने पहुंची देश की बेटी के साथ यह अमानवीय और क्रूर व्यवहार बेहद निंदनीय है।”
छात्र पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई से नाराज
वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों ने भी पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने ‘क्यों लाठियां मार रहे हो, सीधा गोली मारो… राहुल गांधी झारखंड आओ’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों में शामिल एक युवक ने खुद को कैंसर मरीज बताते हुए आरोप लगाया कि घुटनों के बल बैठने के बावजूद उसके साथ मारपीट की गई। एक अन्य घायल प्रदर्शनकारी ने लाठी के निशान दिखाते हुए कहा कि तिरंगा हाथ में होने के बावजूद पुलिस ने उसे पीटा। छात्रों ने कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने और फ्रैक्चर होने का भी आरोप लगाया है।
















