यूके में हलाल और कबाब की दुकानों से चल रहा Visa का 'खेल' ? बड़ा खुलासा
September 13, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

यूके में हलाल कसाइयों और कबाब की दुकानों से चल रहा Visa का ‘खेल’ ? हैरान करने वाला खुलासा

हलाल कसाइयों और कबाब की दुकानों से स्किल्ड वर्कर वीसा (Visa) स्पॉन्सर किये जा रहे हैं। एक कसाई ने तो अकेले ही 918 वीसा स्पॉन्सर किए

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Mar 14, 2025, 07:16 pm IST
inविश्व
यूके में हलाल कसाइयों और कबाब की दुकानों से चल रहा Visa का 'खेल' ? हैरान करने वाला खुलासा

यूके में हलाल कसाइयों और कबाब की दुकानों से चल रहा Visa का 'खेल' ? हैरान करने वाला खुलासा

यूके (United Kingdom) से एक और हैरान करने वाला समाचार आ रहा है। हलाल कसाइयों और कबाब की दुकानों से स्किल्ड वर्कर वीसा (Visa) स्पॉन्सर किये जा रहे हैं। एक कसाई ने तो अकेले ही 918 वीसा स्पॉन्सर किए। यह हैरान करने वाला खुलासा जीबी न्यूज़ ने अपनी एक डॉक्युमेंट्री में किया है। जीबी न्यूज़ के अनुसार उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि कैसे अप्रावसन ने पूरे ब्रिटेन को और ब्रैडफॉर्ड शहर के चेहरे को बदल कर रख दिया है।

इस डॉक्युमेंट्री में फ़्रीडम ऑफ इनफार्मेशन रीक्वेस्ट से आंकड़ों को बताया गया है, जिसे सेंटर फॉर माइग्रेशन कंट्रोल द्वारा प्रस्तुत किया गया है। इसमें ऐसे कई उदाहरण मिले जिनमें यह पता चला कि कैसे कुछ हलाल कसाई और कबाब की दुकानें वर्ष 2021 और 2023 के बीच स्किल्ड वर्कर वीसा को स्पॉन्सर कर चुकी हैं।

WATCH NOW: How halal butchers and kebab shops are handing out hundreds of skilled worker visas to migrants – a GBN documentary with Steven Edginton, premiering exclusively for GBN membershttps://t.co/qLKP9JaXIs

— GB News (@GBNEWS) March 12, 2025

लेखक और शिक्षाविद मैथ्यू गुडविन ने जीबी न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि ब्रिटेन इस समय “जनसंख्या जाल” में हैं। इसका अर्थ यह है कि जनसंख्या इतनी तेजी से बढ़ रही है कि यह राज्य द्वारा सार्वजनिक सेवाओं को प्रदान करने की क्षमता से कहीं अधिक हो जाएगी। जीबी न्यूज़ ने ब्रैडफॉर्ड के कुछ लोगों से बात की कि वे अप्रवासियों के विषय में क्या सोचते हैं। पाकिस्तान से वर्ष 1994 में वैध तरीके से ब्रिटेन आए हुए एक नागरिक ने कहा कि उसे यह नहीं पता था कि कबाब की दुकान में काम करना एक स्किल्ड वर्कर का काम हो सकता है?

वहीं एक स्थानीय नागरिक को इस बात पर विश्वास ही नहीं हुआ कि कबाब की दुकान में काम करने वालों को स्किल्ड वीसा दिए जा रहे हैं। सरकार की वेबसाइट के अनुसार कसाई और शेफ दोनों ही पेशे एक स्किल्ड वर्कर का वीसा लेने के लिए इस्तेमाल किये जा सकते हैं। सेंटर फॉर माइग्रेशन कंट्रोल के शोध निदेशक रॉबर्ट बेट्स ने जीबी न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि सरकार के गृह विभाग ने दुकानदारों को वीसा मिल की तरह काम करने की आजादी दे दी है अब वे ब्रिटेन के नागरिकों की जगह यूरोप के बाहर से कल कुशल व्यक्ति ला रहे हैं।

उन्होंने साफ कहा कि विदेशी शेफ, कसाई या कॉल सेंटर कर्मचारियों को आयात करने का हमारे पास कोई आर्थिक कारण नहीं है, और ऐसा करने से सरकार की सामाजिक लागत बहुत बढ़ती है। उन्होंने इसे एक संगठित रैकेट बताते हुए कहा कि अपने दोस्त के व्यवसाय में पांच साल काम करने के बाद ये व्यक्ति लाभ के लिए योग्य हो जाते हैं और नागरिकता के लिए फास्ट-ट्रैक पर डाल दिए जाते हैं। पूरी प्रक्रिया एक रैकेट बन गई है।

इसी विषय पर रीफ़ॉर्म पार्टी के पूर्व नेता बेन हबीब ने कहा कि बड़े स्तर पर अप्रवासन और विविधता की जिद्द में हमने हलाल को “कौशल” के रूप में बदल दिया है और विदेशी कसाइयों के बढ़ते आयात के कारण पशुओं को क्रूरता से मारा जा रहा है।

माइग्रेन्ट वाच यूके, जो एक थिंक टैंक है और जो लगातार कम अप्रवासन की बात करता है, उसके एक प्रवक्ता ने जीबी न्यूज़ को बताया कि जब सरकार ने पहली बार स्किल्ड वर्कर वीसा की शुरुआत की थी, तो इसका उद्देश्य डॉक्टरों, इंजीनियरों और उच्च-स्तरीय विशेषज्ञों को लाना था। इसके बजाय, हम फास्ट-फूड आउटलेट और कसाईखानों को दर्जनों वीजा प्रायोजित करते हुए देख रहे हैं। यह व्यवस्था का दुरुपयोग है।

इस रिपोर्ट को लेकर लोग सोशल मीडिया पर इस बात पर हैरानी व्यक्त कर रहे हैं कि कैसे टेकअवे स्टाफ जैसे कामों के लिए भी स्किल्ड वर्कर वीसा जारी किये जा सकते हैं। वहीं कुछ लोग कबाब की दुकानों को मनी लॉन्ड्रिंग की नई योजना बता रहे हैं। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि हलाल को प्रतिबंधित किया जाए। लोग इस बात पर विश्वास करने को तैयार नहीं हैं कि कैसे 56 कबाब हाउस, 83 दुकानें, जिनके नाम में हलाल है और एक कसाई अकेला 918 वीसा स्पॉन्सर कर सकता है? सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे माइग्रेशन घोटाला भी कह रहे हैं।

 

Topics: यूकेवीसाहलालवीजास्किल्ड वर्कर वीसाकसाईकबाबस्पॉन्सरब्रैडफॉर्ड शहरयूके (United Kingdom)
Share1
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

कनिष्क नारायण

कौन हैं भारतवंशी कनिष्क नारायण जिन्हें ब्रिटेन में बनाया गया पहला AI मंत्री?

आम ब्रिटिश नागरिक इन 'शरणार्थियों' से तौबा कर रहे हैं। (File Photo)

अब UK में मुफ्त में नहीं टिके रहेंगे ‘शरणार्थी’? ‘शरणार्थी मदद का पैसा चुकाओ’ के प्रस्तावित बिल पर छिड़ी तीखी बहस

सांसद प्रीति पटेल

Bangladesh में Hindu दमन पर British MP Priti Patel ने की UK Govt से दखल देने की अपील-‘हिन्दुओं के लिए आवाज उठाओ’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पालम हवाईअड्डे से अपने साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फॉर्च्यूनर में लेकर आए। ऐसे मौकों पर अमूमन प्रमुख वैश्विक हस्तियां यूरोपीय गाड़ियों को प्राथमिकता देती हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जापानी कार के चयन को पश्चिम के लिए एक संदेश माना जा रहा है।

पुतिन की भारत यात्रा : मित्रता, विश्वास और साथ

Representational Image

19 गैर यूरोपीय देशों से आए Visa आवेदनों को Trump ने डाला ठंडे बस्ते में, जानिए क्या है इसके पीछे असली वजह!

प्रतीकात्मक तस्वीर

अब भारतीय पेशेवरों और कारोबारियों की Visa पाने में बढ़ सकती हैं दिक्कतें, अमेरिका सख्त करने जा रहा नियम

Load More

ताज़ा समाचार

mcu bhopal special lecture on swami vivekananda chicago address mukul kanitkar

MCU भोपाल में बोले मुकुल कानिटकर- ‘शक्तिहीन शिकायत करता है, युवा समाधान देता’ है

उज्जैन में विश्व बंधुत्व दिवस पर बोले पराग अभ्यंकर: युवा शक्ति को दिशा देने के लिए संस्कार, विवेक और राष्ट्रबोध जरूरी

badhalganj gorakhpur rss centenary yuva samvad deepak visput address

बड़हलगंज में RSS शताब्दी वर्ष पर युवा संवाद: दीपक विस्पुते जी ने दिया ‘राष्ट्र प्रथम’ और सामाजिक एकता का मंत्र

गुवाहाटी: प्राग्ज्योतिषपुर विश्वविद्यालय पहुंचे सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, शिक्षा, संस्कृति व मूल्यों पर दिया जोर

ब्रिक्स में भारत की कूटनीतिक जीत: दिल्ली डिक्लेरेशन में पहलगाम हमले की निंदा

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दिल्ली घोषणापत्र जारी : UNSC सुधार, स्थानीय मुद्रा और आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

ब्रिक्स समूह के सदस्यों ने साफ कहा कि आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पाकिस्तान को कड़ा संदेश : ब्रिक्स देशों ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की, कहा- आतंकवाद बर्दाश्त नहीं

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पौधरोपण करते ब्रिक्स समूह के सदस्य।

नई दिल्ली घोषणापत्र पर मुहर: ब्रिक्स नेताओं ने खिंचवाई ‘फैमिली फोटो’, फिर एक खास पौधे से दिया दुनिया को बड़ा संदेश

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (बाएं)।

प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक, सीमा सहित कई मुद्दों पर हुई बात

kisan sangh free uniforms notebooks and bags distributed to 7000 flood affected students

असम: शिवसागर में भारतीय किसान संघ की मानवीय पहल, बाढ़ प्रभावित 7,000 छात्रों को दी जा रही नि:शुल्क सहायता!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies