Kerala: वायनाड में मरने वालों की संख्या पहुंची 338, करीब 280 लोग अभी भी लापता
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Kerala: वायनाड में मरने वालों की संख्या पहुंची 338, करीब 280 लोग अभी भी लापता

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भूस्खलन के चार दिन के बाद भी 280 लोगों का पता नहीं चल पाया है। राज्य सरकार के आंकड़ों में 210 लोगों के मरने की खबर है।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Aug 3, 2024, 10:45 am IST
inकेरल
Waynad Landslide elephant helps Family

केरल के वायनाड में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। इन सबमें सबसे अधिक मुंडक्कई की हालत सबसे अधिक खराब है, जहां बड़े पैमाने पर चलाए गए अभियान के दौरान 18 शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही चलियार नदी में पांच शव और 10 शवों के अंग भी पाए गए हैं। इसी के साथ प्राकृतिक आपदा में मरने वाले लोगों की संख्या 338 हो गई है।

इसे भी पढ़ें: केरल के वायनाड में धंसा पहाड़, 84 लोगों की मौत, कई घायल, राज्य सरकार ने दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भूस्खलन के चार दिन के बाद भी 280 लोगों का पता नहीं चल पाया है। राज्य सरकार के आंकड़ों में 210 लोगों के मरने की खबर है। कीचड़ और मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लोगों के साथ ही मशीनरी और उन्नत सेंसर की मदद ली जा रही है। राहत और बचाव अभियान में सेना, नौसेना और राज्य सरकार के अधीन विभिन्न विभागों समेत 640 टीमें दिन रात काम कर रही हैं।

इसे भी पढ़ें: वायनाड लैंडस्लाइड: मुंडक्कई में पूरा गांव तबाह, एक भी जिंदा नहीं बचा, कुल मौतों की संख्या 297 तक पहुंची

राज्य स्वास्थ्य विभाग और सेना चिकित्सा सेवाओं के अलावा तमिलनाडु सरकार द्वारा नियुक्त सात सदस्यीय टीम भी इस क्षेत्र में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए मौजूद हैं। वायनाड कोझीकोड और मलप्पुरम जिलों के विभिन्न अस्पतालों में घायल 84 लोगों का इलाज किया जा रहा है।

हाथी बने फरिश्ता

इस बीच बाढ़ प्रभावित केरल के मेप्पाडी में भूस्खलन से प्रभावित एक परिवार जब बुरी तरह से घर की छत ढहने लगी तो परिवार के लोग परेशान हो गए। सुजाता अनिंनाचिरा और उनके परिवार के लिए ये चमत्कार की तरह ही है। दरअसल, भूस्खलन से किसी तरह से अपनी जान बचाकर वहां से भागे तो उन्हें समझ नहीं आया कि कहां जाएं। वो लोग ये सोच ही रहे थे कहां जाएं। तभी वरदान बनकर वहां एक नर और दो मादा हाथी वहां पहुंचे। हाथियों के वहां पहुंचने पर पहले तो वो लोग डर गए।

सुजाता ने बताया कि हमने भगवान से हाथ जोड़कर प्रार्थना की और हाथियों से शरण मांगी। हैरानी तब हुई कि जब हाथियों ने कुछ नहीं कहा, बल्कि हाथियों ने पूरी रात उन लोगों की सुरक्षा की। जब वहां से हमने जाने लगे तो हाथियों की आंखों से आंसू निकलने लगे। सुजाता ने बताया कि भूस्खलन में वह, उनके पति, बेटी और दो पोते-पोतियों का जिंदा बचना वह चमत्कार ही मान रही हैं।

Topics: हाथियों ने लोगों को बचायाelephants rescue peopleKerala Newsतमिलनाडुकेरलवायनाडभूस्खलनLandslideTamil NaduKeralaकेरल न्यूजWayanad
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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