तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने चर्च में आई चार नाबालिग बच्चियों के यौन उत्पीड़न के दोषी पादरी एस अब्राहम को चार मौत (प्रत्येक पीड़िता के लिए एक) की सजा सुनाई और 52,000 रुपये का सामूहिक जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही अदालत ने तमिलनाडु सरकार को चारों बच्चियों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
विशेष अदालत के न्यायाधीश के.सुरेश कुमार ने अब्राहम को ‘संदेह से परे दोषी’ पाए जाने के बाद गुरुवार (20 अगस्त 2026) को मौत की सजा सुनाई और अपराध को सबसे दुर्लभ श्रेणी में वर्गीकृत किया। अदालत का कहना है कि चर्च संचालक अब्राहम ने उन बच्चों को अपना शिकार बनाया, जिनका मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी उन पर थी। अपराध को अंजाम देने वाले को इसका कोई पछतावा भी नहीं है।
गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यौन उत्पीड़न की शिकार बच्चियों की उम्र 8, 12 और 13 वर्ष थी। 47 वर्षीय अब्राहम ने स्कूल की छुट्टियों के दौरान नीति शास्त्र और बाइबल की कक्षाएं आयोजित करने के बहाने उन्हें चर्च में बुलाया था। चारों बच्चियों का यौन शोषण करने के बाद अब्राहम ने उन्हें धमकी दी थी कि वे इस बारे में किसी को कुछ भी नहीं बताएं। अगर उन्होंने इस बारे में किसी को बताया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
जुलाई 2022 को मिली थी शिकायत
बताया जा रहा है कि तिरुनेलवेली जिले के देवरकुलम पुलिस स्टेशन को इस संबंध में 5 जुलाई 2022 को पीड़ितों के माता-पिता से शिकायत मिली थी। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो उन्हें पता चला कि अब्राहम नाम के एक पादरी ने चर्च में प्रार्थना करने आई चार लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न किया और उन्हें धमकाया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पादरी को गिरफ्तार कर लिया था।

















