आघात मांगे प्रतिघात
September 11, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत जम्‍मू एवं कश्‍मीर

आघात मांगे प्रतिघात

प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के एन वक्त जम्मू—संभाग में आतंकियों ने कायराना हरकत को अंजाम देते हुए 10 तीर्थ यात्रियों को मार डाला तो वहीं 40 से अधिक लोग घायल हुए। अब जम्मू कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबल समूचे इलाके में सर्च आपरेशन चलाकर आतंकियों के खात्मे के लिए दृढ़ संकल्पित

Written byअश्वनी मिश्रअश्वनी मिश्र
Jun 17, 2024, 02:40 pm IST
inजम्‍मू एवं कश्‍मीर
जम्मू—कश्मीर में आतंकियों ने कायराना हरकत में आतंकवाद की भेंट चढ़ा मासूम

जम्मू—कश्मीर में आतंकियों ने कायराना हरकत में आतंकवाद की भेंट चढ़ा मासूम

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में जब तीसरी बार राजग सरकार बनने जा रही थी, विदेशों से आए तमाम मेहमान और सरकार में मंत्री बनाए जाने वाले सांसदों समेत 9 हजार लोग इस शपथ ग्रहण समारोह को देखने के लिए पहुंचे हुए थे, पूरी दुनिया की नजरें भारत पर थीं, ठीक उसी समय जम्मू—कश्मीर में आतंकियों ने कायराना हरकत की। उन्होंने शिव खोड़ी से दर्शन कर लौट रहे तीर्थ यात्रियों पर गोलियां बरसाईंं इससे बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी और 10 तीर्थ यात्री मारे गए। दर्जनों घायल हैं। हमला पौनी मार्ग में चंडी मोड़ और कंडा के बीच किया गया। आतंकियों ने घात लगाकर बस को निशाना बनाया। ड्राइवर भी आतंकियों की गोली का शिकार हो गया। कुछ शव पेड़ पर लटके पाए गए। इनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था।

उत्तर प्रदेश स्थित बलरामपुर के रहने वाले संतोष वर्मा इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों में से एक हैं, जिन्होंने अपनी आंखों से सब कुछ देखा। हमले के बाद से वह खौफ में हैं। घटना के बारे में बात करते ही वह फूट-फूटकर रोने लगते हैं। रुंधे गले और डबडबाई आंखों से आंसू पोंछते हुए वे बताते हैं, ‘शाम का यही कोई 5 से 6 बजे के बीच का समय रहा होगा। बस शिवखोड़ी मंदिर से कटरा के लिए निकली थी। कई यात्रियों को नींद आ गई थी। मैं भी सो गया था। बस घाटी से नीचे उतर रही थी इसलिए उसकी रफ्तार धीमी थी। इतने में अचानक से गोलियों की आवाज आने लगी। सामने बैठे लोग चिल्लाने लगे। बस पर लगातार गोलियों की बौछार की जा रही थी।

मैं हड़बड़ाहट में जब तक उठता, तब तक बस चालक को गोली लग चुकी थी। गोली लगते ही चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया और वह खाई में जा गिरी। चारों तरफ सिर्फ रोने-चीखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं।’ वे आगे कहते हैं, ‘एक आतंकी बीच सड़क पर खड़ा फायरिंग कर रहा था। इसके बाद आतंकियों ने रुक रुक कर फायरिंग की। आतंकी 5 से 6 राउंड गोली चलाते, फिर रुक जाते। दरअसल वह हर यात्री को मार डालना चाहते थे। 20 मिनट से ज्यादा समय तक आतंकी लगातार फायरिंग करते रहे। उन्होंने कई साथी यात्रियों को मार डाला।’

इसी तरह से गोंडा की नीलम बताती हैं कि बस में 50 से अधिक लोग थे। हमारे परिवार के भी आधा दर्जन लोग साथ थे। कब आतंकियों ने बस पर घात लगाकर हमला कर दिया, पता ही नहीं चला। आतंकी सभी को मार डालना चाहते थे। पता नहीं, कैसे हम सब बच गए। जैसे ही वह मंजर याद आता है, कलेजा कांप उठता है। जब हमला हुआ तो ऐसा लग रहा था कि सामने मौत खड़ी है।

बस में सवार दिल्ली के एक अन्य तीर्थयात्री भवानी सिंह बताते हैं कि 6 से 7 नकाबपोश आतंकी थे। शुरू में उन्होंने सड़क पर बस को घेरकर चारों तरफ से फायरिंग की। और जब बस खाई में गिरी तब भी वे लगातार गोलीबारी कर रहे थे। वे चाहते थे कि सब लोग मारे जाएं।

ग्रेटर नोएडा के बंटी की पीठ पर आतंकियों ने गोली मारी। रियासी जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार करा रहे बंटी बताते हैं, ‘मैं अपनी दो पड़ोसी मीरा और लक्ष्मी के साथ शिवखोड़ी दर्शन करने गया था। बस पर जब हमला हुआ तो हम उन्हें खोजने लगे। इतने में मेरी पीठ में एक गोली लगी। गोली लगते ही मैंने एक पेड़ की ओट ले ली, जिससे जान बच गई।

आतंकी हमले में घायल तीर्थयात्री।

लश्कर ने रची हमले की साजिश

रियासी बस हमले की जिम्मेदारी लश्कर—ए—तैयबा के मुखौटा संगठन टीआरएफ ने ली है। खुफिया सूत्रों की मानें तो इस हमले को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की शह पर अंजाम दिया गया। हमले में जिन गोलियों का इस्तेमाल किया गया वे अमेरिकी एम 4 कारबाईन की हैं।

घटना के बाद से आतंकियों की तलाश में 1000 से अधिक जवानों ने पूरे इलाकों को घेर रखा है। रियासी-उधमपुर रेंज के डीआईजी रईस मोहम्मद बट बताते हैं कि हमले के बाद से पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आतंकियों को पकड़ने के लिए 11 दल बनाए गए हैं। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस की ओर से चार आतंकियों के रेखाचित्र जारी किए गए हैं। साथ ही इनके बारे में जानकारी देने वाले को 20 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की गई है।

बता दें कि बीते एक सप्ताह के अंदर जम्मू संभाग में आतंकियों ने चार हमलों को अंजाम दिया है। अचानक बढ़ते हमलों और इस क्षेत्र को अशांत करने के पीछे की वजह बताते हुए कश्मीर इमेजेज के संपादक बशीर मंजर कहते हैं कि बिना खून-खराबे के लोकसभा चुनाव का संपन्न होना और राज्य में आती स्थिरता से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। दूसरा, चुनाव में राज्य के लोगों ने बढ़-चढ़कर लोकतंत्र में आस्था जताई और मतदान किया। यह पहली बार है कि जब गांव—देहात और शहर के अधिकतर लोगों ने विकास के लिए मतदान करके मुख्य धारा मेें शामिल होने की इच्छा स्पष्ट रूप से प्रकट की। तीसरा, मतदान का ग्राफ बहुत बढ़ा है।

निश्चित ही ये सभी कारण हैं, जिनके चलते पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। घाटी के स्वतंत्र पत्रकार राजा मुनीब कहते हैं कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से पाकिस्तान समर्थित आतंकी गैर स्थानीय लोगों, पर्यटकों और अल्पसंख्यक नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे हमलों के पीछे की वजह साफ है। पहला, जम्मू-कश्मीर के भीतर सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ना।

दूसरा, भारत के बाकी हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव पैदा करना। मैं मानता हूं कि जम्मू क्षेत्र में हमले एक स्पष्ट संकेत हैं कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी 2019 से क्षेत्र की हिंदू आबादी को लक्षित करने की साजिश पर काम कर रहे हैं। 6 अगस्त 2019 के बाद सबसे घातक हमला साल 2021 में हुआ था, जब एक महीने में कश्मीर घाटी में आतंकवादियों ने 11 नागरिकों की हत्या कर दी थी।

जम्मू क्षेत्र को अशांत करने की रची जा रही साजिश

जम्मू कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस पी वैदृा बताते हैं कि सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के चलते पाकिस्तान की नापाक हरकतें कश्मीर घाटी में कामयाब नहीं हो पा रही हैं। घाटी में एक तरफ घुसपैठ पर लगाम कसी गई है तो दूसरी तरफ हथियार उठाने वालों का सुरक्षाबल बहुत जल्द ही काम तमाम कर देते हैं। हर दिन ढीली पड़ती जा रही पकड़ से बौखलाये पाकिस्तान ने रणनीति बदलते हुए जम्मू क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया है। विशेष रूप से राजौरी-पुंछ और डोडा-किश्तवाड़। यह इलाका पहाड़ी, घने जंगल और कम आबादी वाला है। ऐसे में आतंकियों के लिए घुसपैठ करना आसान हो जाता है, खासकर राजौरी-पुंछ सेक्टर में। इस क्षेत्र में अफगानिस्तान में छोड़े गए अत्याधुनिक अमेरिकी हथियार और चीन से खरीदी गई स्टील की गोलियों से लैस अफगान-प्रशिक्षित आतंकवादियों की घुसपैठ देखी गई है। इसमें कुछ के साथ पाकिस्तानी सेना के जवान भी थे। पुष्ट सूत्रों के अनुसार इन घुसपैठियों की संख्या 20 से 30 के बीच हो सकती है, जो छोटे समूहों में सक्रिय हैं। ये आतंकी घात लगाकर हमले करने में माहिर हैं। इन आतंकियों ने ही पिछले दिनों पुंछ और राजौरी में कई स्थानों पर भारतीय सेना पर हमला किया है। मैं मानता हूं कि पाकिस्तान एक रणनीति के तहत जम्मू क्षेत्र को अस्थिर करने की साजिश रचने में लगा हुआ है। ऐसे में हमारे सामने खुफिया जानकारी जुटाना चुनौती है।

बौखलाए आतंकी कर रहे हमले

रियासी के बाद आतंकवादियों ने 11 जून को कठुआ को निशाना बनाया। और यहां आम लोगों के घरों, सड़क से गुजर रहे लोगों पर फायरिंग की। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर आतंकवादियों को घेरने की कोशिश की। इलाके में आतंकियों को पकड़ने के लिए एक सर्च अभियान चलाया गया। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराने में सफलता हासिल की। तो वहीं एक जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गया। इस दौरान आतंकियों के पास से अत्याधुनिक हथियार सहित पाकिस्तान में बनी चीजें बरामद हुई हैं। आतंकियों ने इसी दिन डोडा में भी हमले को अंजाम दिया।

यहां आतंकियों ने पुलिस और सेना के नाके पर फायरिंग की। इसके बाद यहां भी मुठभेड़ हुई। हमले में सेना के पांच जवान सहित जम्मू—कश्मीर पुलिस का एक जवान घायल हो गया। यह हमला कठुआ जिले के सीमावर्ती गांव सैदा सुखल में आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी के बमुश्किल कुछ घंटों बाद ही अंजाम दिया गया था। जम्मू संभाग में हुए आतंकी हमलों पर एडीजीपी आनंद जैन कहते हैं, ‘हमारा पड़ोसी दुश्मन हमेशा हमारे देश में शांतिपूर्ण माहौल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता रहता है। हाल की घटनाएं उसी का रूप हैं। लेकिन हम इतना जरूर कहना चाहेंगे कि जम्मू—कश्मीर पुलिस पूरी तरह से आतंक के सफाए के लिए काम कर रही है।’

बहरहाल, अमरनाथ यात्रा के नजदीक आते ही राज्य में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी सक्रिय दिखने लगे हैं। लेकिन जम्मू—कश्मीर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नापाक हरकत का जवाब उसी तीव्रता के साथ दिया जाएगा। हमारे जवान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हर दम तैयार हैं।

Topics: communal tensionपाञ्चजन्य विशेषजम्मू संभागजम्मू-कश्मीर के भीतर सुरक्षापूरी दुनिया की नजरें भारत परJammu divisionsecurity within Jammu and Kashmireyes of the whole world on Indiaलश्कर-ए-तैयबाLashkar-e-Taibaसांप्रदायिक तनाव
अश्वनी मिश्र
अश्वनी मिश्र
@kashmirashwaniअश्वनी मिश्र भारत की सबसे पुरानी और व्यापक रूप से प्रसारित राष्ट्रवादी हिंदी साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. देश के ज्वलंत मुद्दों की ग्राउंड रिपोर्ट करने के साथ ही मुख्य रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा एवं राजनीतिक मुद्दों के बारे में लिखते हैं. जम्मू—कश्मीर, पश्चिम बंगाल एवं आतंकरोधी घटनाक्रम विशेष रुचि के क्षेत्र हैं. देश की विभिन्न राजनीतिक घटनाओं पर तीक्ष्ण नजर रखते हुए उनका समग्र विश्लेषण पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट स्थान रखता है। भारतीय राजनीति, समाज, खेल, मानवाधिकार क्षेत्र की विशिष्ट विभूतियों से निरंतर साक्षात्कार और चर्चा उनके पत्रकारीय अनुभव को मजबूत बनाती हैं. उनके अनेक आलेखों पर देश के राजनीतिक गलियारों में एक नरैटिव खड़ा हुआ. विभिन्न प्रासंगिक विषयों की रिपोर्ट और आलेखों को संसद के पुस्तकालय में संग्रहणीय तौर पर शामिल किया गया. बंगाल की चुनावी हिंसा की ग्राउंड रिपोर्ट एवं उसके पहले की अनेक हिंसाओं में पीड़ितों के जीवंत साक्षात्कार देशभर में सराहे गए. सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थित विशेष दर्जा रखती है. [Read more]
Share1
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

विरासत पर अतिक्रमण

टीपू से प्यार, हिंदुत्व पर वार

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए श्री सुनील आंबेकर (दाएं)

‘समरसता और साझी संस्कृति पर संवाद’

त्रिशूली और भोटेकोशी नदी में अचानक आई
बाढ़ से नेपाल के कई इलाके तबाह हो गए

नेपाल की बाढ़ : पिघलता हिमालय बढ़ता खतरा

न्यूयॉर्क में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मोहनराव भागवत

सरसंघचालक जी का विदेश प्रवास : बात भारत की

आघात की राजनीति

Load More

ताज़ा समाचार

विरासत पर अतिक्रमण

rudrapur punjabi gaurav sammelan nitin naveen

रुद्रपुर में पंजाबी गौरव सम्मेलन: नितिन नवीन बोले- सिख समाज के त्याग और बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा

kumbh mela 2027 haridwar preparations chief secretary inspection

कुंभ मेला 2027 : हरिद्वार में मुख्य सचिव ने तैयारियों का लिया जायजा, दिए सख्त निर्देश

Haldwani Ex Servicemen Conference Nitin Nabin Address Uttarakhand Veterans Panchjanya

हल्द्वानी में पूर्व सैनिक सम्मेलन : नितिन नवीन बोले- सैनिक देश के सुख, शांति और स्वतंत्रता के आधार

पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के विरोध में लगे बैनर और पोस्टर

Pakistan: पंजाब प्रांत में फिर अहमदिया समुदाय विरोधी बैनर लगे, ‘पाकिस्तान के प्रति बेईमान’ कहा गया

“लालू परिवार ने उठाया अपराध की कमाई का लाभ, जांच राजनीति से प्रेरित नहीं”: IRCTC होटल टेंडर घोटाले में आरोप तय

कल का मौसम: 11 सितंबर को 25 राज्यों में ‘मूसलाधार बारिश’; IMD ने जारी किया अलर्ट; UP से पंजाब तक आंधी-तूफान

chhattisgarh high court ruling private sharia bodies cannot decide muslim woman divorce

“शरिया संस्थाएं नहीं बन सकतीं अदालत”: छत्तीसगढ़ HC का बड़ा फैसला, मुस्लिम महिला के तलाक पर ‘इदारे-शरिया’ का आदेश अमान्य

बाज नहीं आ रहा छांगुर, जेल से चल रहा कन्वर्जन सिंडिकेट? : बलरामपुर में हिंदू युवती को गोमांस खिलाया और बना दिया मुसलमान

DGCA का बड़ा आदेश: सभी हवाई कंपनियों के पायलट्स के लिए ड्रग परीक्षण अनिवार्य, जानें कब तक लागू करनी होगी यह व्यवस्था?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies