Archive पाठकों को स्मरण होगा कि "मंगलं, शुभ मंगलम्" स्तंभ कुछ समय पूर्व तक प्रकाशित होता रहा था। स्थानाभाव के कारण यह अल्पकाल के लिए प्रकाशित नहीं हो पाया। अब पुन: हम इसे आरंभ कर रहे हैं। -सं.