ब्रिटेन में सत्ता परिवर्तन हो गया है। कीर स्टार्मर की सत्ता चली गई है और उनकी जगह अब लेबर पार्टी की स्पेशल कॉन्फ्रेंस में एंडी बर्नहम को पार्टी का नया लीडर घोषित कर दिया गया है। अब वे स्टार्मर की देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इस बात का ऐलान लेबर पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमिटी (NEC) की चेयर शबाना महमूद ने यह ऐलान किया।
निर्विरोध चुने गए बर्नहम
शबाना महमूद ने कहा, “सिर्फ एक सांसद का नामांकन हुआ था। कोई रोमांच वाली बात नहीं थी।” इसका मतलब है कि बर्नहम बिना किसी विरोध के पार्टी के लीडर बन गए। पार्टी के नियमों के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह फैसला लिया गया।
कब संभालेंगे प्रधानमंत्री का पद?
20 जुलाई 2026, सोमवार को आउटगोइंग प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर राजा चार्ल्स तृतीय के पास इस्तीफा देंगे। उसके तुरंत बाद राजा एंडी बर्नहम को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। बर्नहम 10 डाउनिंग स्ट्रीट में अपना काम शुरू कर देंगे।
कौन हैं एंडी बर्नहम?
एंडी बर्नहम पहले ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर रह चुके हैं। उन्हें ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ भी कहा जाता है। वे लंबे समय से लेबर पार्टी में सक्रिय हैं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने मेकरफील्ड सीट से बाई-इलेक्शन जीता था, जिससे वे संसद के सदस्य बने। इसी वजह से वे लीडरशिप रेस में शामिल हो सके।
पार्टी के अंदर पिछले कुछ समय से कीर स्टार्मर की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ रहे थे। लोकल इलेक्शन्स में लेबर को नुकसान हुआ था और रिफॉर्म यूके जैसी पार्टियों का दबदबा बढ़ रहा था। बर्नहम की लोकप्रियता और उनके काम के तरीके को देखते हुए पार्टी में बदलाव की मांग मजबूत हुई।
स्पेशल कॉन्फ्रेंस का माहौल
लंदन में हुई स्पेशल कॉन्फ्रेंस में बर्नहम पहुंचे। वहां पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उन्हें समर्थन दिया। शबाना महमूद ने औपचारिक ऐलान करते हुए कहा कि बर्नहम अब पार्टी के नए चेहरा हैं।
लेफ्ट विचारों से जुड़े हैं बर्नहम
बर्नहम के पास अब सरकार चलाने की जिम्मेदारी आएगी। वे लेबर पार्टी के सॉफ्ट-लेफ्ट विचारों से जुड़े माने जाते हैं। उनका फोकस नॉर्थ इंग्लैंड के लोगों, स्वास्थ्य, हाउसिंग और रोजमर्रा की समस्याओं पर रहा है। पार्टी के ज्यादातर सांसदों और ट्रेड यूनियनों का समर्थन उन्हें मिल चुका है। यह बदलाव ब्रिटेन की राजनीति में तेजी से हुआ। कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद ट्रांजिशन पीरियड शुरू हो गया है। 20 जुलाई को औपचारिक रूप से नई सरकार बनने की उम्मीद है।

















