दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। साथ ही पेपर लीक मामलों की सही जांच की भी मांग है। लेकिन, आज सुबह (शनिवार) अनशन के 21वें दिन पुलिस ने जंतर-मंतर से हटा दिया और उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया। उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही थी।
अनशन की वजह और मांगें
सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में हो रही गड़बड़ियों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं। इस बार वे पेपर लीक जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार से जवाब चाहते हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग रखी है। अनशन शुरू होने के बाद से उनकी सेहत पर असर पड़ने लगा। डॉक्टरों के अनुसार, अब तक उनका वजन 9.5 किलो कम हो चुका है। शुक्रवार को 24 घंटे में ही 350 ग्राम वजन घटकर उनका वजन 56.55 किलो रह गया था।
उनके साथ AIS A की नेहा, आमीन और मनीष भी अनशन पर हैं। नेहा को गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया की वजह से अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई है। आमीन और मनीष की हालत भी बिगड़ रही है।
As per orders of Hon’ble High Court and on expert medical advise due to the deteriorating health condition of Sh. Sonam Wangchuk, he has been shifted to the hospital for essential medical care.
While complying with the orders of Hon’ble High Court the protestors tried to create…— DCP New Delhi (@DCPNewDelhi) July 18, 2026
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दिल्ली पुलिस का बयान
वहीं दिल्ली पुलिस ने इसको लेकर एक्स पर जारी एक बयान में स्पष्ट किया, “माननीय हाई कोर्ट के आदेशों और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, श्री सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें ज़रूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। माननीय हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करते समय प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी अफ़रा-तफ़री मची; हालाँकि, पुलिस ने संयम बरता और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से पूरा किया।
हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण ढंग से उस जगह को खाली कर दें।”
क्या था हाईकोर्ट का आदेश
गौरतलब है कि गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को आदेश दिया था कि सोनम वांगचुक का रोजाना मेडिकल चेकअप हो और जरूरत पड़ने पर उन्हें इलाज मुहैया कराया जाए।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस आज सुबह 7 बजे पुलिस जंतर-मंतर पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस और सेंट्रल फोर्स के जवानों ने सोनम वांगचुक को मंच से सफेद चादर में लपेटकर उठाया और एंबुलेंस में बैठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गए। वहां उन्हें भर्ती करा दिया गया।
वो अलग बात है कि कॉकरोच पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके अलग ही राग अलाप रहे हैं। उनका आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को गालियां दी और घसीटकर ले गए। दीपके का कहना है कि सोनम वांगचुक जब टॉयलेट गए थे, तभी यह घटना हुई।














