झांसी। राजापुर निवासी राजकुमार करीब बीस वर्ष पहले रोजगार की तलाश में पश्चिम बंगाल गया था। वहां उसने धर्म परिवर्तन के बाद मुस्लिम महिला अफसरी खातून से निकाह किया था। हाल ही में जब राजकुमार झांसी लौटा तो उसने हिंदू धर्म में वापस लौटने की इच्छा जताई। मंदिर में अनुष्ठान के बाद राजकुमार, जिसका नाम रफीक हो गया था, फिर से राजकुमार के नाम से जाने की बात कही गई है। उसकी पत्नी अफसरी को अनीता के नाम से जाने की बात भी सामने आई है।
राजकुमार ने पश्चिम बंगाल में दबाव में कन्वर्जन का दावा किया
राजकुमार का कहना है कि पश्चिम बंगाल के मालदा में जहां पर वह काम कर रहा था, वहां उस पर धर्म परिवर्तन का बहुत दबाव था। उसके अनुसार, वहां के लोगों के दबाव में आकर उसने धर्म परिवर्तन कर लिया था। उपलब्ध रिपोर्टों में भी राजकुमार के इस दावे का उल्लेख है कि पश्चिम बंगाल में मजदूरी के दौरान उस पर कन्वर्जन का दबाव बनाया गया था।
डीएम को दिया था हिंदू धर्म में लौटने के लिए प्रार्थना पत्र
उल्लेखनीय है कि राजकुमार ने हिंदू धर्म में घर वापसी के लिए जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र भी दिया था। इस विषय की जानकारी होने के बाद हिंदू संगठनों ने भी राजकुमार का समर्थन किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, राजकुमार और उसकी पत्नी ने जिलाधिकारी के समक्ष शपथपत्र देकर हिंदू धर्म में वापस लौटने की इच्छा के संबंध में अपनी बात रखी थी।
धार्मिक अनुष्ठान के बाद घर वापसी की बात
धार्मिक अनुष्ठान में गंगाजल और गौमूत्र से दोनों का शुद्धिकरण कराया गया और उसके बाद यज्ञोपवीत और रक्षा सूत्र पहनाया गया। राजकुमार का कहना है कि मंदिर में अनुष्ठान के बाद उसने घर वापसी कर ली है।
मंदिर के पुजारी पंडित राजीव पाठक का कहना है कि राजकुमार ने पश्चिम बंगाल में जाकर मतांतरण कर लिया था। अपनी मुस्लिम पत्नी और बच्चों के साथ झांसी आने के बाद उसने घर वापसी की इच्छा जताई।
राजकुमार की पत्नी भी सहर्ष सनातन स्वीकारने को तैयार थी। मंदिर में हवन-पूजन कराने के पश्चात धार्मिक विधि-विधान से शुद्धिकरण कर रक्षा सूत्र बांधा गया। पूजन के बाद राजकुमार और उसकी पत्नी ने भगवान शिव की आरती की।

















