उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए जा रहे उन दावों को असत्य और भ्रामक बताया है, जिनमें कहा गया था कि नोएडा पुलिस ने जर्मन यूट्यूबर ध्रुव राठी को गिरफ्तार कर लिया है। कई यूजर्स शुक्रवार (16 अक्टूबर) सुबह से ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट लिखकर यह दावा कर रहे हैं कि ध्रुव राठी को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वे इस दावे की पुष्टि के लिए एक वीडियो भी शेयर कर रहे हैं। वहीं, एक फैक्ट-चेक क्लैरिफिकेशन में पुलिस ने कहा, “ध्रुव राठी को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।” यह स्पष्टीकरण तब आया जब कई सोशल मीडिया हैंडल्स यह पोस्ट प्रसारित कर चुके थे।
पुलिस का स्पष्टीकरण
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक्स पर लिखा, “सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा नोएडा पुलिस के ध्रुव राठी को गिरफ्तार किए जाने संबंधी सूचना/पोस्ट प्रसारित की जा रही है। उक्त सूचना पूर्णतः असत्य, भ्रामक व निराधार है। नोएडा पुलिस द्वारा ध्रुव राठी की कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। जनसामान्य से अपील है कि ऐसे भ्रामक एवं अपुष्ट संदेशों का प्रसार न करें तथा किसी भी सूचना को साझा करने से पूर्व उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य कर लें।”
उन्होंने आगे लिखा कि भ्रामक, असत्य और अफवाह फैलाने वाली सामग्री का प्रसार करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ध्रुव राठी को हिरासत में लेने के बाद छोड़ा
यह अटकलें तब सामने आईं जब पिछले हफ्ते यूट्यूबर को हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-56 में उनके घर से हिरासत में लेने के लगभग 18 घंटे बाद रिहा कर दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें रविवार (11 अक्टूबर) को जंतर-मंतर पर एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन करने की साजिश के आरोप में हिरासत में लिया गया था, क्योंकि इस रोक लगी हुई थी।
पुलिस ने कहा कि 32 साल के यूट्यूबर को गुरुग्राम में क्राइम ब्रांच के एक ऑफिस में निगरानी में रखा गया था, जहां से उन्हें रविवार सुबह करीब 3 बजे उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया, “हां, उन्हें रिहा कर दिया गया है। उनके परिवार वाले उन्हें क्राइम ब्रांच ऑफिस में लेने पहुंचे, जहां उन्हें हिरासत में रखा गया था।”
अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस से बातचीत के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। साथ ही यह भी पक्का किया गया कि वह ऐसे समूह या भीड़ का हिस्सा न बनें जो माहौल बिगाड़ने और अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हों।

















