झांसी: करीब 20 साल पहले रोजगार की तलाश में झांसी से पश्चिम बंगाल गया एक शख्स अब अपने परिवार के साथ वापस अपने गांव लौट आया है। पश्चिम बंगाल में रहने के दौरान उसने अपना नाम राजकुमार पटेरिया से बदलकर रफीक रख लिया था और अफसरी खातून से निकाह किया था। दोनों के चार बच्चे भी हुए। अब झांसी लौटने के बाद राजकुमार ने दोबारा हिंदू धर्म अपनाया है। उसकी पत्नी अफसरी खातून ने भी हिंदू धर्म स्वीकार कर अपना नाम अनीता पटेरिया रख लिया है।
राजकुमार पटेरिया झांसी के राजापुर गांव का रहने वाला बताया गया है। करीब दो दशक पहले वह काम की तलाश में पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंचा था। वहां उसने रफीक नाम से दस्तावेज बनवाए और अफसरी खातून से निकाह कर लिया। इसके बाद दोनों वहीं रहने लगे। शादी के बाद उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटे का जन्म हुआ। समय बीतने के बाद राजकुमार अपने गांव वापस लौट आया। झांसी आने के बाद उसने अपने पुराने नाम राजकुमार पटेरिया से दोबारा दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया शुरू की। इसके साथ ही उसने परिवार सहित हिंदू धर्म में लौटने की इच्छा जताई। इस संबंध में उसने सरकारी विभागों में आवेदन करने के साथ ही सिद्धेश्वर मंदिर से संपर्क किया।
सिद्धेश्वर मंदिर में हुआ हवन और शुद्धिकरण
झांसी के सिद्धेश्वर मंदिर में राजकुमार, उसकी पत्नी और बच्चों के लिए धार्मिक अनुष्ठान कराया गया। मंदिर के पुजारी पंडित राजीव पाठक की मौजूदगी में गंगाजल और हवन के जरिए शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान कुछ हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। राजकुमार ने बताया कि वह करीब 20 साल पहले रोजगार के लिए मालदा गया था, जहां उसने रफीक नाम से पहचान बनाई और अफसरी से निकाह किया। अब वापस झांसी आने के बाद उसने अपने पुराने नाम से दस्तावेज बनवाए हैं। पंडित राजीव पाठक के मुताबिक, राजकुमार काफी समय से हिंदू संगठनों के संपर्क में थे। उनकी इच्छा के अनुसार मंदिर में धार्मिक विधि-विधान से शुद्धिकरण और हवन कराया गया। इस दौरान राजकुमार की पत्नी और चारों बच्चे भी मौजूद रहे।

















