नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ता आस्तिक चंद्र दास के कंकाल अवशेषों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है। मृतक भाजपा कार्यकर्ता आस्तिक चंद्र दास संदेशखाली के झांझनिया गांव के रहने वाले थे। उनकी हत्या का आरोप उस समय टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर लगा था। सूबे में ममता बनर्जी की सरकार के दौरान इस राजनीतिक हत्या पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन अब सत्ता परिवर्तन होने के बाद भाजपा कार्यकर्ता के कंकाल अवशेषों को जांच के लिए भेजा गया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि अदालत के आदेश के बाद मृतक के कंकाल अवशेषों को मजिस्ट्रेट और मृतक के परिजनों की मौजूदगी में निकाला गया। जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई है। 2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम के दिन तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने विजय जुलूस निकाला था और बीजेपी कार्यकर्ता आस्तिक चंद्र दास पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
मृतक आस्तिक चंद्र दास के बेटे ने आरोप लगाया था कि उनके पिता को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने तक से रोक दिया गया था। टीएमसी के गुंडों की पिटाई के बाद आस्तिक चंद्र दास की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद ममता बनर्जी ने उनके घर पर पुलिस बल तैनात कर दिया था और परिजनों को बिना पोस्टमार्टम के उनके शव को दफनाने के लिए मजबूर किया था। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य का कहना है कि यह मामला 2021 के चुनाव के बाद BJP कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचारों का जीता-जागता सबूत है। उस समय पुलिस मूकदर्शक बनी रही लेकिन उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है कि दोषियों को सजा मिलेगी।
















