पिछले कुछ दिनों में ब्रिटेन और अमेरिका दोनों तरफ से आर्टिफिशियल सुपरइंटेलिजेंस यानी ASI को लेकर कुछ तेज चेतावनियाँ आई हैं। ज्यादातर लोग AI को अभी भी बेहतर सर्च इंजन जैसा समझते हैं, लेकिन कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि यह परमाणु हथियारों से भी बड़ा खतरा बन सकता है। कुछ ने चेरनोबिल जैसा हादसा होने की बात कही, तो कुछ ने अगले दस साल में पूरी मानव जाति खत्म होने की 10 प्रतिशत से ज्यादा संभावना जताई।
ब्रिटेन में चर्चा
ब्रिटेन में सांसद और लॉर्ड्स इस मुद्दे पर बात कर रहे हैं। पूर्व रक्षा सचिव डेस ब्राउन और बर्कले के कंप्यूटर वैज्ञानिक प्रोफेसर स्टुअर्ट रसेल ने परमाणु हथियार जैसी चेतावनी दी। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता बेट्रिस फिन ने भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कोई चीज हमें खत्म कर सकती है। कंट्रोल AI नाम के एक ग्रुप ने संसद में मीटिंग रखी। यह ग्रुप AI के अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण की वकालत करता है। लेबर सांसद एलेक्स सोबेल ने एक बिल पेश किया है जिसमें आर्टिफिशियल सुपरइंटेलिजेंस बनाने पर रोक लगाने की बात है।
एंथ्रोपिक के अंदर से बात
मंगलवार रात को एंथ्रोपिक कंपनी के एक सीनियर कर्मचारी इवान हबिंजर ने लिखा कि अगले दस साल में AI के सभी इंसानों को मारने की संभावना 10 प्रतिशत से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी के पास ASI को सुरक्षित रखने यानी अलाइनमेंट का कोई प्लान नहीं है। 28 साल के रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने एंथ्रोपिक छोड़ दिया। पहले वे ओपनएआई में भी थे। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियाँ जिम्मेदारी से काम नहीं कर रही हैं और हमारी जिंदगी के साथ जुआ खेल रही हैं। उनके मुताबिक, खतरे सबको पता हैं लेकिन सब पहले पहुँचने की होड़ में हैं। फिर भी उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिकी लैब्स अपनी स्पीड को लेकर कुछ समझौता कर सकती हैं।
ओपनएआई ने अपने चीफ साइंटिस्ट का बयान दोहराया कि भविष्य के AI विकास पर अंतरराष्ट्रीय समन्वय सरकारों की टॉप प्राथमिकता होनी चाहिए। ब्रिटिश अधिकारियों को चिंता है कि एंथ्रोपिक ने अपना नया मॉडल मिथोस 5.1 ब्रिटेन के AI सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट को टेस्टिंग के लिए नहीं भेजा।
नेताओं की माँग
लेबर सांसद डैरेन जोन्स ने प्रधानमंत्री, संयुक्त राष्ट्र और ओईसीडी प्रमुखों को पत्र लिखकर सुपरइंटेलिजेंस के सुरक्षित विकास के लिए बहुराष्ट्रीय संधि माँगी है। उन्होंने कहा कि बहस मानवता के अंत से लेकर मार्केटिंग हाइप तक जा रही है, लेकिन सरकारों को अब दखल देना होगा। अमेरिका में बर्नी सैंडर्स ने फिर से कांग्रेस से AI रेगुलेट करने की बात कही। उन्होंने एक पोल का हवाला दिया जिसमें 81 प्रतिशत अमेरिकी चाहते हैं कि राजनेता इस पर कार्रवाई करें। सैंडर्स ने कहा कि कुछ लोभी लोग भगवान बनकर मानवता का भविष्य तय न करें।
कंट्रोल AI और दूसरे नजरिए
कंट्रोल AI को स्काइप के सह-संस्थापक जान टैलिन फंड करते हैं। वे खुद को एंटी-एक्सटिंक्शनिस्ट कहते हैं। टैलिन का अनुमान है कि 10-15 प्रतिशत AI कर्मचारी मानते हैं कि यह तकनीक मानवता की योग्य उत्तराधिकारी है। एक रिसर्चर ने उनसे कहा था कि इंसान डिस्पोजेबल प्रजाति हैं।
मीटिंग में स्टुअर्ट रसेल ने कहा कि एक बड़ा खतरा यह है कि मानवता का नियंत्रण हमेशा के लिए निकल जाए। डेस ब्राउन ने कहा कि पहले उन्हें परमाणु युद्ध सबसे बड़ा खतरा लगता था, अब सुपरइंटेलिजेंट AI उतना या उससे बड़ा लगता है। कुछ लोग ज्यादा सावधान हैं। डॉ. एंड्रयू रोगोस्की ने कहा कि ये सिस्टम अभी इंसानों जितने लचीले नहीं हैं और शायद महंगे साबित होकर निराश करें। डेविड बारबर ने कहा कि AI बहुत उपयोगी है, इसे पूरी तरह नकारना नहीं चाहिए लेकिन नियंत्रण जरूरी है। सैंड्रा वैखटर ने टर्मिनेटर जैसी कहानियों को डिस्ट्रैक्शन बताया और पर्यावरण, गलत सूचना और नौकरियों के असली मुद्दों पर फोकस करने को कहा। गैरी मार्कस ने कहा कि अलाइंड सुपरइंटेलिजेंस और नॉन-अलाइंड में फर्क है, अभी हाइप ज्यादा है और सावधानी कम।

















