अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद महासचिव पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय एक बार फिर सक्रिय नजर आए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नया महासचिव और सीईओ की नियुक्ति हो चुकी है, ऐसे समय में पूर्व महासचिव चंपत राय तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे। उनके साथ पूर्व ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा भी थे।
वहां उन्होंने कर्मचारियों से मुलाकात की और करीब एक घंटे तक रुके। कर्मचारियों का हाल-चाल पूछा और उनसे कहा कि कोई दिक्कत हो तो हमें बताएं। चोरी के मामले के बाद यह उनकी पहली ऐसी यात्रा थी।
चोरी का मामला और इस्तीफा
जून में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में दान चोरी का मुद्दा उठाया था। चंपत राय ने तब वीडियो जारी कर आरोपों को गलत बताया था। बाद में एसआईटी जांच में चोरी की पुष्टि हुई। जांच से यह भी सामने आया कि अखिलेश यादव के आरोपों से पहले ही चंपत राय को चोरी की जानकारी थी। लाखों रुपये बरामद होने का वीडियो सोशल मीडिया पर आया। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस घटना को डाका बताया। इसके बाद चंपत राय पर दबाव बढ़ा और उन्होंने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया।
तीन कर्मचारियों की वापसी
ट्रस्ट में अलग-अलग शिकायतों के बाद हटाए गए तीन कर्मचारियों को अब वापस लाया गया है। नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के आने के बाद शहीद कारसेवक वासुदेव गुप्ता के बेटे संदीप गुप्ता, केडी तिवारी और बजरंग पाठक को उनके पुराने काम पर बहाल कर दिया गया है।
क्यों हटाए गए थे संदीप गुप्ता
तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में लॉकर व्यवस्था संभालने वाले संदीप गुप्ता को एक विदेशी महिला की शिकायत के बाद हटाया गया था। महिला ने लॉकर में सामान रखने को लेकर हुई बातचीत पर ट्रस्ट को शिकायती पत्र दिया था। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। जवाब से संतुष्ट न होने पर उन्हें काम से अलग कर दिया गया। शहीद कारसेवक के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पहले उन्हें राम मंदिर में काम दिया गया था। नए महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि से उनकी बहाली की सिफारिश हुई और उन्हें फिर से उसी जगह पर तैनात कर दिया गया।
प्रसाद और आभूषण व्यवस्था वाले कर्मचारी भी वापस
रामजन्मभूमि परिसर में तैनात एक महिला क्षेत्राधिकारी ने अपने मेहमानों के लिए प्रसाद दिलाने की सिफारिश की थी। प्रसाद व्यवस्था के प्रभारी बजरंग पाठक ने ट्रस्ट से आदेश दिलाने की बात कहकर सिफारिश नहीं मानी। क्षेत्राधिकारी ने इसकी शिकायत की। इसके बाद अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने रामलला के आभूषणों और दान की वस्तुओं की देखरेख करने वाले केडी तिवारी तथा बजरंग पाठक को राम मंदिर से हटाकर बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेज दिया।
केडी तिवारी वहां जॉइन कर गए। बजरंग पाठक ने आदेश का पालन नहीं किया और कारसेवक पुरम में ही सेवा देते रहे। इसके बाद उन्हें भी व्यवस्था से बाहर कर दिया गया। अब नए महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि ने केडी तिवारी और बजरंग पाठक दोनों को उनके पुराने दायित्वों के साथ राम मंदिर में वापस कर दिया है।
















