एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक आदमी को पुलिया की दीवार से बांधकर डंडों से बुरी तरह पीटा जा रहा है। तुर्की के कुछ एक्स हैंडल्स ने इस वीडियो को शेयर किया और दावा किया कि यह भारत में हो रहा है। जबकि, इसकी जांच करने पर पता चला कि ये वीडियो असल में बांग्लादेश का है।
दावा क्या था
एक पोस्ट में तुर्की भाषा में लिखा गया कि भारत में इंसानियत और इंसाफ कुचला जा रहा है। मुसलमानों को पीटा जा रहा है, मस्जिदों को निशाना बनाया जा रहा है। दुनिया से अपील की गई कि इस अमानवीय व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाए। दूसरे पोस्ट में कहा गया कि हिंदू को आतंकवादी कहा गया और लिखा गया कि एक मुसलमान को उसके धर्म की वजह से प्रताड़ित किया जा रहा है। दोनों पोस्ट्स को तीन हजार से ज्यादा बार शेयर किया गया।
वीडियो असल में कहां का है
इंडिया टुडे फैक्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सर्च करने पर बांग्लादेशी यूजर्स के फेसबुक पोस्ट्स मिले। ये पोस्ट 9 और 11 जुलाई के थे। उनमें साफ लिखा था कि वीडियो बांग्लादेश का है। वीडियो को ध्यान से देखने पर और सबूत मिले। पुलिया की साइड वॉल पर बांग्ला भाषा में लिखा था – “गुलशन अकादमी और कॉलेज”। गूगल मैप्स पर सर्च करने पर यह स्कूल ढाका, बांग्लादेश के ग्रेवयार्ड रोड पर मिला।
बाएं तरफ की बाड़ पर तहमीदुल कुरान कैडेड मदरसा में एडमिशन का विज्ञापन लगा था। फेसबुक पर सर्च करने से पता चला कि इसी नाम का मदरसा ढाका शहर के उत्तर में अब्दुल्लाह बाग में है। बाड़ के एक कोने पर एक बांग्लादेशी मोबाइल नंबर भी लिखा था। यह नंबर भी एक और मदरसे से जुड़ा था।
जगह की पुष्टिइन सब बातों से साफ हो गया कि वीडियो भारत का नहीं बल्कि बांग्लादेश का है। स्कूल का नाम, बांग्ला लिखाइयां, मदरसे का विज्ञापन और लोकल नंबर – ये सब बांग्लादेश की ओर इशारा करते हैं। टीम ने स्वतंत्र रूप से यह नहीं पता लगाया कि ये घटना ठीक कब और कहां हुई, लेकिन इतना तय है कि ये वीडियो भारत से नहीं है।
वीडियो में दिख रही जगह ढाका के आसपास की है। गुल्शन एकेडमी स्कूल एंड कॉलेज और आसपास के मदरसों की लोकेशन इससे मेल खाती है। तुर्की हैंडल्स ने इसे भारतीय घटना बताते हुए साम्प्रदायिक रंग दिया था, जबकि असल में ये बांग्लादेश की घटना है।

















