नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और महाराष्ट्र के लिए 1 अक्टूबर, 2026 को अहर्ता तिथि (qualifying date) मानते हुए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का एक संशोधित कार्यक्रम घोषित किया है. शनिवार को जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, यह निर्णय दिल्ली और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा भेजे गए औपचारिक अनुरोधों के बाद लिया गया है.
इससे पहले आयोग द्वारा इस पुनरीक्षण अभ्यास के संबंध में इस वर्ष 14 मई, 15 जुलाई, 4 अगस्त और 19 अगस्त को आदेश जारी किए जा चुके हैं.
दिल्ली के लिए संशोधित समय-सीमा
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ईसीआई के अवर सचिव संदीप कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि को बढ़ा दिया गया है.
- दावे और आपत्तियां: 31 अगस्त, 2026 से शुरू हुई यह विंडो अब 30 अक्टूबर, 2026 को समाप्त होगी।
- निपटान प्रक्रिया: नोटिस चरण और दावों-आपत्तियों का निस्तारण 30 नवंबर, 2026 तक जारी रहेगा।
- अंतिम प्रकाशन: अद्यतन मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 दिसंबर, 2026 को किया जाएगा, जिससे नागरिकों को अपने विवरण सत्यापित करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।
महाराष्ट्र के लिए नई समय-सारणी
महाराष्ट्र के संबंध में चुनाव आयोग ने एक परिवर्तित समय-सीमा अधिसूचित की है:
“महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की अवधि, जो 31 अगस्त, 2026 को शुरू हुई थी, अब 12 अक्टूबर, 2026 को बंद होगी। दावों और आपत्तियों का निपटान 31 अगस्त से 10 नवंबर, 2026 के बीच पूरा किया जाएगा।”
नोटिस चरण के समापन के पश्चात, महाराष्ट्र की अद्यतन मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 16 नवंबर, 2026 को किया जाना निर्धारित किया गया है.
आयोग ने दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इन अधिसूचनाओं को अपने संबंधित राज्य राजपत्रों के असाधारण अंकों में तुरंत प्रकाशित करें और रिकॉर्ड के लिए निर्वाचन सदन को तीन प्रतियां भेजें. इसके अतिरिक्त, ईसीआई ने अधिकारियों से अधिकतम सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्लेटफार्मों पर संशोधित कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार को सुनिश्चित करने को कहा है.
















