भुवनेश्वर: राष्ट्रवादी जननायक, आधुनिक भारत के अद्वितीय दार्शनिक तथा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अग्रणी प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्श, ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ की विचारधारा शासन व्यवस्था का मूल आधार है। समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना तथा ओडिशा को एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी राज्य के रूप में विकसित करना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। यह बात मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कही।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 111वीं राज्यस्तरीय जयंती समारोह के अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से स्थानीय जयदेव भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय राजनीतिक दर्शन में ‘भारतीयता’ की एक नई दिशा प्रस्तुत की थी।
उन्होंने पश्चिमी पूंजीवाद, समाजवाद और साम्यवाद जैसी विचारधाराओं के स्थान पर भारत के लिए एक स्वदेशी विचारधारा का सूत्र प्रस्तुत किया, जिसे ‘एकात्म मानव दर्शन ’ कहा गया। उन्होंने दृढ़ता से प्रतिपादित किया था कि पश्चिमी ‘नेशन स्टेट’ की अवधारणा की तुलना में भारत की सनातन परंपरा, संस्कृति और सभ्यता कहीं अधिक प्राचीन है। उन्होंने कहा कि केवल भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति ही पर्याप्त नहीं है। मनुष्य के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का संतुलित विकास तथा नैतिक कर्तव्यों का पालन ही मानव समाज के विकास का प्रमुख मार्ग है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने इसी समग्र दृष्टिकोण को अपने दर्शन का आधार बनाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लगभग पांच दशकों तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की दूरदर्शी विचारधारा की उपेक्षा होती रही। हालांकि, वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद ‘अंत्योदय’ का विचार फिर से प्रमुखता के साथ सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में चलाए जा रहे महीनेभर के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, गरीब कल्याण, कौशल विकास और स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रम समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाए जा रहे हैं। उज्ज्वला, जनधन, प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान भारत और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी योजनाएं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और आत्मनिर्भरता के सपने को साकार करने की दिशा में काम कर रही हैं।
राज्य में डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित लाभार्थियों के लिए ‘अंत्योदय गृह योजना’ लागू की जा रही है। इसके साथ ही कलिंगनगर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, भुवनेश्वर, जगतपुर, क्योंझर और दामनजोड़ी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए ‘औद्योगिक क्षेत्रों में दीनदयाल कर्मचारी आवास’ योजना के तहत अपार्टमेंट और छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की करीब 80 प्रतिशत आबादी को ‘मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना’ के तहत अतिरिक्त पांच किलोग्राम चावल नि:शुल्क दिया जा रहा है। महिलाओं के लिए ‘सुभद्रा योजना’ और ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक लाख रुपये की सहायता प्रदान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना’ की भी परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि ‘समृद्ध किसान योजना’ के तहत 19 लाख किसानों को धान के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। वहीं, पिछले दो वर्ष तीन महीने के दौरान राज्य में 22.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
समारोह में एकाम्र-भुवनेश्वर के विधायक बाबू सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन-दर्शन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और ग्रामीण आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि जनसेवा को शासन का प्रमुख दायित्व मानने वाले महान दूरदर्शी थे। उनका ‘अंत्योदय’ दर्शन आज प्रत्येक जनप्रतिनिधि के लिए मार्गदर्शक है। समाज के शोषित और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाना तथा उनका आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान करना ही वास्तविक राष्ट्र निर्माण है। कार्यक्रम में स्तंभकार, लेखक एवं शोधकर्ता डॉ. शिव शक्ति नाथ बक्शी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ की विचारधारा को आधुनिक राष्ट्र निर्माण तथा सामाजिक कल्याण का महत्वपूर्ण मार्ग बताया। इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य शासन सचिव हेमंत शर्मा, निदेशक संजय कुमार बिश्वाल सहित कई विशिष्ट अतिथि, मीडिया प्रतिनिधि और आम लोग उपस्थित थे।

















