मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या काशी के भव्य विकास के बाद अब ब्रजभूमि को भी जन-भावनाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। डबल इंजन सरकार इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां ऐसा भव्य परिसर तैयार किया जाएगा, जैसा अयोध्या और काशी में हुआ है। पिछली सरकारें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता होती थी। यह सरकार कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है। लेकिन, जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे?
सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करने के उपरांत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने का काम करने जा रहे हैं। उनकी आदत समाज में विष वमन करने की है, जिससे समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकें, वे आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकें, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकें, बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगा सकें, अन्नदाता किसानों की खुशहाली पर डकैती डाल सकें और उद्यमी बनने की ओर अग्रसर कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बना सकें। लेकिन डबल इंजन की सरकार इन मंसूबों पर पानी फेरेगी और इन्हें कभी पूरा नहीं होने देगी।
अयोध्या के भव्य विकास का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्यावासियों को कल्पना भी नहीं थी कि कभी अयोध्या का इतना भव्य विकास होगा। वहां न सड़क थी, न बिजली और न ही पानी की समुचित व्यवस्था। गंदगी का अंबार लगा रहता था। अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ी थी। जो श्रद्धालु वहां जाता था, अव्यवस्था और अराजकता देखकर रोता हुआ लौटता था। आज प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम आते हैं। रामनवमी, कार्तिक माह, सावन का झूला मेला, दीपोत्सव आदि पर्वों पर यह संख्या बढ़कर पांच से 50 लाख तक पहुंच जाती है। कहीं कोई असुविधा नहीं होती। सामाजिक समता का अद्भुत उदाहरण भी देखने को मिलता है। प्रभु श्रीराम के नाम को जन-जन तक पहुंचाने वाले महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया है। कनेक्टिविटी के लिए चारों ओर से फोरलेन सड़कें बन चुकी हैं। रेलवे की डबल लाइन हो चुकी है। अयोध्या में जहां भी जाएंगे, आपको भक्तिपथ, रामपथ जैसे नामों की फोरलेन सड़कें मिलेंगी।
आस्था कभी पराजित नहीं हुई- CM योगी
सीएम ने कहा कि 500 वर्ष पहले 1528 में विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था। लेकिन, अयोध्या में प्रभु श्रीराम के प्रति हमारी सनातन आस्था निरंतर बढ़ रही है। वहां उमड़ रहे जनसैलाब से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जो आक्रांता खुद को अविजित मानते थे, आज उनका कहीं अता-पता नहीं। सब समाप्त हो गए। लेकिन, हमारी आस्था कभी पराजित नहीं हुई। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दुनिया का विशालतम भव्य मंदिर बन गया। जिन लोगों को ये सब अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि मथुरा-वृंदावन समेत बरसाना, नंदगांव व गोवर्धन आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं मिलेंगी। किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत न हो, उसकी आस्था को ठेस न लगे, वह सहज भाव से आए, दर्शन करें और आशीर्वाद लेकर जाएं। इसके लिए डबल इंजन की सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। ये पर्व केवल आस्था ही नहीं, हमारी आर्थिकी के आधार भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए हमारी आस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विरासत के सम्मान के लिए ही मैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आता हूं। पिछली सरकारें यहां आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें वोट बैंक की चिंता होती थी। उन्हें डर रहता था कि कहीं लोग सवाल न पूछ लें और इसीलिए उनके कृत्यों से यहां जवाहर बाग जैसी घटना हुई। लेकिन, अब हमारी यह ब्रजभूमि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों के साथ नए उत्साह, नई उमंग और नए विश्वास से जुड़ रही है। यही नया विश्वास हम सबको आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।
















