नई दिल्ली। लगातार सामने आ रहे राहुल गांधी के दावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिसमें यह दावा किया गया था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के चुनाव इसलिए जीते क्योंकि ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) थे। इस दावे की जब तथ्यात्मक जांच की गई, तो समय और तिथियों के आधार पर यह पूरी तरह निराधार साबित हुआ है।
तथ्यों के अनुसार, ज्ञानेश कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का पद 19 फरवरी 2025 को संभाला था, जबकि संबंधित राज्यों के चुनाव उससे काफी पहले संपन्न हो चुके थे।
तथ्य जांच: क्या कहती है चुनाव की तारीखें?
वायरल दावे में जिन राज्यों के चुनावों का जिक्र किया गया है, उनका चुनावी शेड्यूल ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल से मेल नहीं खाता है:
- हरियाणा विधानसभा चुनाव: अक्टूबर 2024 में आयोजित हुए थे।
- महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: नवंबर 2024 में संपन्न हुए थे।
- दिल्ली विधानसभा चुनाव: 5 फरवरी 2025 को मतदान हुआ था और 8 फरवरी 2025 को नतीजे घोषित किए गए थे।
- CEC का कार्यभार: ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।
स्पष्ट है कि जिन चुनावों के आधार पर यह दावा गढ़ा गया था, वे सभी चुनाव ज्ञानेश कुमार के CEC बनने की तारीख से पहले ही पूरे हो चुके थे। ऐसे में समय का यह अंतर इस पूरे दावे को खारिज कर देता है।
वर्ष 2014 से एनडीए की चुनावी यात्रा
विश्लेषकों का यह भी तर्क है कि भाजपा और एनडीए गठबंधन ने साल 2014 से लेकर अब तक देश के विभिन्न राज्यों में कई महत्वपूर्ण चुनाव जीते हैं। इस लंबी सूची में लोकसभा चुनावों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, असम, गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ सहित तमाम राज्यों के विधानसभा चुनाव शामिल हैं, जो अलग-अलग समय पर विभिन्न मुख्य चुनाव आयुक्तों के कार्यकाल के दौरान संपन्न हुए थे।
“तथ्य स्पष्ट करते हैं कि किसी भी चुनावी जीत और आयोग के शीर्ष पद की नियुक्ति को आपस में जोड़ना तथ्यात्मक रूप से गलत है। चुनाव परिणाम राजनीतिक दलों की रणनीतियों और जनसमर्थन पर आधारित होते हैं।”
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे दावों की सत्यता की जांच किए बिना उन पर भरोसा करना भ्रामक हो सकता है। अत: हमारी पाठकों से अपील है कि वे किसी भी राजनीतिक या तथ्यात्मक दावे को साझा करने से पहले आधिकारिक आंकड़ों और तिथियों की पुष्टि अवश्य करें।

















