
उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर हो रही कार्रवाई
रुद्रपुर। मुफ्तियों की धमकियों को दरकिनार करते हुए उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एक और अवैध मदरसे को मंगलवार को सील कर दिया। पिछले दो दिनों में यह तीसरा अवैध मदरसा है, जिसपर ताला डाल दिया गया है।
उधम सिंह नगर में प्रशासन ने को मदरसों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए एक मदरसे को सील कर दिया है जबकि दूसरा मदरसा आवासीय था उसे नोटिस दिया गया है। मदरसा जामिया निजामिया, खलील उल उलूम, वार्ड नंबर 18, खेड़ा कॉलोनी रूद्रपुर के अवैध मदरसे को सील कर दिया गया है। इस मदरसे ने ना तो शिक्षा विभाग में आवेदन किया था और ना ही इनके पास पर्याप्त आधारिक संरचना थी, जबकि दूसरा आवासीय मदरसा दारुल उलूम सकलैनिया, भोला कॉलोनी गदरपुर में है।
आवासीय मदरसा होने के कारण इसके प्रबंधक को यह कहकर नोटिस दिया गया है कि जल्दी ही वह बच्चों को हस्तानांतरित करवा दे, जिससे इसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जा सके। यह मदरसा बहुत ही छोटी जगह पर चल रहा था। जिला प्रशासन की टीम ने निरीक्षण के समय भवन, कक्षों, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा शिक्षा व्यवस्था से संबंधित बिंदुओं की जानकारी ली। जिला अधिकारी उधम सिंह नगर नितिन भदौरिया ने बताया कि मदरसों का निरीक्षण अभियान जारी है जिन्होंने मान्यता नहीं ली है उन्हें बंद किया जाएगा।
अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि नई व्यवस्था की मूल भावना स्पष्ट है कि बच्चों को उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जोड़े रखते हुए उन्हें आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ा जाए। राज्य सरकार के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना है।