सीवर और जल स्रोत का पानी मिक्स होने से फैली बीमारी
पिछले कुछ महीनों से नैनीताल के निचले हिस्सों में सीवर और जल स्रोत का पानी मिक्स होने से गांजा, तल्ला छिंडा, मल्ला छिंडा, वीरभट्टी, ज्यूलिकोट, खुर्पाताल आदि गांव में दूषित पेयजल सप्लाई से 500 से अधिक लोग पीलिया, डायरिया आदि से ग्रसित हो गए।
अधिवक्ता रवि बिष्ट ने दायर की जनहित याचिका
अधिवक्ता और याचिकाकर्ता रवि बिष्ट ने इस मुद्दे को पी.आई.एल. के रूप में न्यायालय के सामने रखा। आज सुनवाई के दौरान सी.एम.ओ. रश्मि पंत, एस.डी.एम. नवाज़िश ख़लिक, अधिशासी अभियंता अनीश पिल्लई समेत जल निगम, पी.सी.बी. व अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य न्यायाधीश ने कमिटी की कार्रवाई पर मांगी जानकारी
सी.जे. मनोज कुमार गुप्ता ने सरकारी अधिवक्ताओं से कहा कि आपने जो कमिटी बनाई, उसने क्या एक्शन लिया?
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जिलाधिकारी अगली तारीख को अब तक किए गए आदेशों के पालन की रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके साथ ही मॉनिटरिंग कमिटी के निर्णयों से भी अवगत कराएंगे।
सरकार ने कहा- पानी सप्लाई की स्थिति बेहतर
उप महाधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह चौहान ने खंडपीठ को सरकार की कार्यवाही से अवगत कराया। कहा कि पानी सप्लाई की काफी बेहतर रिपोर्ट है। उस क्षेत्र की परिस्थिति नियंत्रण में है। काफी मरीज कम हो गए हैं। मॉनिटरिंग कमिटी की बुधवार को बैठक तय है।
छह जल विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई की जानकारी
सी.एस.सी. पूरन सिंह रावत ने बताया कि कमिटी की रिपोर्ट पर 3 जल संस्थान और 3 जल निगम के अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि मुख्य आरोपी जल संस्थान का ई.ई. है। दूषित पानी में मिलावटखोरी का फोटो भी न्यायालय को दिखाया।
हालिया रिपोर्टों में भी ज्यूलिकोट दूषित पेयजल मामले में जल संस्थान और जल निगम के छह इंजीनियरों के निलंबन तथा जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को चेतावनी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
नैनीताल शहर से लिए गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट पर जानकारी
पी.सी.बी. के अधिवक्ता आदित्य प्रताप ने न्यायालय को बताया कि नैनीताल शहर से 17 सैम्पल लिए गए, जिसमें सभी की रिपोर्ट में राहत की बात मिली है। इसके अलावा बताया कि आज खुर्पाताल में पेयजल के सैम्पल लिए जाएंगे।
29 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर के लिए तय की है। अगली सुनवाई में अब तक किए गए न्यायालय के आदेशों के पालन की रिपोर्ट तथा मॉनिटरिंग कमिटी के निर्णयों से न्यायालय को अवगत कराया जाएगा।

















