पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यव्यापी सर्वेक्षण के बाद 252 अवैध मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है। इसके अलावा 100 अन्य अवैध मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के मंत्री खुदीराम टुडू के अनुसार इन संस्थानों में जरूरी मंजूरी और बुनियादी सुविधाओं जैसे कक्षाओं की संख्या और पर्याप्त शिक्षक आदि की भारी कमी पाई गई है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर जून से राज्य के सभी 22 जिलों और कोलकाता में एक विस्तृत जांच अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान पाया गया कि राज्य में 2,132 मदरसे वैध मंजूरी के साथ चल रहे हैं, वही 2396 मदरसे बिना किसी सरकारी बोर्ड या आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहे हैं। इस प्रकार राज्य में कुल 4,528 मदरसों की मिली जानकारी में लगभग 53% मदरसे बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। सत्यापन के बाद मदरसा शिक्षा निदेशालय ने 252 संस्थानों को संचालन तत्काल बंद करने का निर्देश दिया है।
इन जिलों में अवैध मदरसों पर हुई कार्रवाई
पहले चरण में 252 अवैध मदरसों में बुनियादी ढांचे और नियमों का घोर उल्लंघन मिलने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करने का नोटिस दिया गया है। इनमें सबसे ज्यादा मालदा (44), उत्तर दिनाजपुर (37) और दक्षिण 24 परगना (32) जिलों से हैं। इसके अलावा 100 मदरसों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इन मदरसों को अपनी वैधता या सही दस्तावेज पेश करने का मौका दिया गया हैं । इन मदरसों द्वारा प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाए जाने के बाद उनपर निर्णय लिया जाएगा।
वैध मदरसों पर नहीं होगी कार्रवाई
मंत्री खुदीराम टुडू ने स्पष्ट किया है कि जिन मदरसों के पास वैध सरकारी अनुमति है और जो नियमों के तहत कार्य कर रहे हैं वे बिना किसी बाधा के काम करते रहेंगे। खुदीराम टुडू के मुताबिक सरकार का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को व्यवस्थित करना और बिना मान्यता के चल रहे अवैध संस्थानों पर रोक लगाना है।
















