बद्रीनाथ मास्टर प्लान के कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आस्था पथ सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ ही धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पारंपरिक गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
धाम की पारंपरिक पहचान और प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।
मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित की जा रही सुविधाओं से धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में धाम की पारंपरिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक स्वरूप के संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री
इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में प्रतिभाग किया।
महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 150 से अधिक संत-साध्वी तथा 1200 से अधिक हरिभक्त शामिल हुए। इस अवसर पर श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के पूज्यपाद महंत स्वामी श्री देवप्रसाददास जी स्वामी, पूज्यपाद सद्गुरुवर्य धर्मवल्लभदास जी स्वामी सहित बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ धार्मिक गरिमा का ध्यान
मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ धाम में चल रहे विकास कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पारंपरिक गरिमा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बद्रीनाथ उत्तराखंड के प्रमुख धामों में शामिल है और राज्य सरकार के अनुसार यह प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।
















