नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल दो दिन पहले गढ़वाल राइफल्स के एक इवेंट में स्टेज पर मौजूद थे। इवेंट नॉर्मल चल रहा था। तभी, सूबेदार विक्रम सिंह कंडारी, जो एक लोकल सोशल वर्कर और पूर्व सैनिक हैं, डोभाल को एक यादगार तोहफ़ा देने के लिए स्टेज पर आए। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उससे न सिर्फ़ सूबेदार विक्रम सिंह बल्कि वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। मिस्टर डोभाल ने स्टेज से उनका नाम पुकारा और कहा, “आप मेरे बारे में Facebook पर बहुत लिखते हैं… मैं आपके सोशल मीडिया पोस्ट पढ़ता हूं और देखता हूं कि आप वेटरन्स और उनके डिपेंडेंट्स के लिए कैसे काम कर रहे हैं।”
एक पल के लिए सूबेदार विक्रम सिंह कंडारी हैरान रह गए। जिस व्यक्ति के बारे में वे सोशल मीडिया पर कई महीने पहले लिखे थे वही व्यक्ति मंच से उनकी पोस्ट और उनके सामाजिक कार्यों का जिक्र कर रहा था! तब शायद वहां मौजूद हर किसी के मन में एक ही सवाल आया होगा, देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति की नजर कितनी बारीक होती होगी, अगर एक पूर्व सैनिक की सोशल मीडिया पर की जा रही गतिविधियां और समाज के लिए किए जा रहे उसके प्रयास भी उनकी जानकारी में हों!
यही है एक सजग सूचना तंत्र की ताकत
सूबेदार विक्रम सिंह कंडारी के लिए यह निश्चित रूप से जीवन का ऐसा क्षण होगा, जिसे वे शायद कभी नहीं भूल पाएंगे। अजीत डोभाल जी की सजगता को वहां सभी पूर्व सैनिको द्वारा सराहा गया. सूबेदार विक्रम सिंह कंडारी जी के जो 1000 से भी अधिक पूर्व सैनिकों के आश्रित परिवारों की पेंशन हर सैन्य मदद संबंधित कार्य अपने निजी खर्चे पर करते हैं अपनी पूरी पेंशन समाज सेवा में लगा देते हैं रिटायरमेंट के पश्चात सेना प्रमुख ने उन्हें प्रशस्ति पत्र दे उनकी सराहना भी की है।

















