नेपाल इन दिनों भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। लगातार बारिश और बाढ़ ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 160 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 700 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं और कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे मुश्किल समय में पड़ोसी देश भारत ने नेपाल की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजी है, जिसे काठमांडू एयरपोर्ट पर पहुंचाया गया। इस मदद के जरिए बाढ़ प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने और राहत कार्यों में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है। भारत ने साफ किया है कि वह इस कठिन समय में नेपाल के साथ खड़ा है और जरूरत के मुताबिक हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह PM मोदी को कहा थैंक यू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नेपाल में बाढ़ के कारण हुई मौतों पर गहरा दुख जताया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय मदद देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय टीमें बचाव और राहत कार्यों में सहयोग कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल के बाद नेपाल की ओर से भी भारत के प्रति आभार जताया गया। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने सोशल मीडिया के जरिए पीएम मोदी को धन्यवाद कहा। बालेन्द्र शाह ने कहा कि मुश्किल समय में नेपाल के साथ एकजुटता दिखाने और मदद की पेशकश करने के लिए वह प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं। उन्होंने भारत के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग के रिश्ते काफी मजबूत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत की ओर से दिखाई गई संवेदनशीलता दोनों देशों के अच्छे संबंधों को दर्शाती है। नेपाल के लिए यह मदद ऐसे समय में आई है, जब बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी नेपाल में आई बाढ़ पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका बेहद दुखद है। उन्होंने उन परिवारों के प्रति संवेदना जताई, जिन्होंने इस आपदा में अपने प्रियजनों को खो दिया है। अमित शाह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है। भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री भी इसी सहयोग का हिस्सा है।














