नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई भयानक बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। ये यात्री तिब्बत की ओर जाने की तैयारी में थे। इनमें ज्यादातर भारतीय हैं और 93 नेपाली भी शामिल हैं।
क्या हुआ और कब
रसुवा जिले के रसुवागढ़ी इलाके में भोटे कोशी नदी में सुबह करीब 8:30 से 9:15 के बीच बाढ़ आई। यह बाढ़ तिब्बत की तरफ से आई बताई जा रही है। पानी ने नेपाल-चीन सीमा पर मितेरी पुल बहा दिया। सड़कें और दूसरे जरूरी ढांचे भी क्षतिग्रस्त हो गए। मोबाइल और फाइबर नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गया। तीर्थयात्री उसी दिन सीमा पार कर तिब्बत जाने वाले थे, तभी यह घटना हुई।
कितने यात्री प्रभावित
काठमांडू स्थित टच कैलाश ट्रैवल्स एंड टूर्स के प्रबंध निदेशक बासु कुमार अधिकारी ने बताया कि करीब 390 तीर्थयात्री बुधवार को सीमा पार करने वाले थे। दोपहर 3 बजे तक कुछ को छोड़कर ज्यादातर से संपर्क नहीं हो पाया। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक 384 यात्री संपर्क से बाहर बताए गए हैं। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली हैं। विदेशी यात्रियों में 105 से ज्यादा भारतीय शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में 37 एनआरआई का भी जिक्र है।
किन एजेंसियों के यात्री थे
ये लोग अलग-अलग यात्रा एजेंसियों के जरिए जा रहे थे। ट्रेकर्स सोसाइटी के 92, सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स के 71, हिमालयन ग्लेशियर के 62, लीफ हॉलिडेज के 55, कैलाश जर्नी के 31, फिशटेल टूर एंड ट्रैवल्स के 27, काठमांडू हॉलिडेज के 17, अल्पाइन इको ट्रेक के 16, रिचा टूर्स के 12 और एक्सप्लोर वेकेशन के 7 यात्री प्रभावित बताए गए हैं।
क्षेत्र में नुकसानबाढ़ ने रसुवागढ़ी इलाके की बस्तियों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया। नेपाल-चीन सीमा पर सड़कें और सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। तिब्बत की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग बंद हो गया। यह रूट निजी यात्रा एजेंसियों के लिए सबसे सस्ता और आम रास्ता माना जाता है।
खोज के प्रयास
ट्रेकिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष सागर पांडे ने बताया कि यात्रियों से संपर्क करने और उनकी स्थिति जानने की कोशिश जारी है। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस और सेना खोज-बचाव में जुटे हैं। कई हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। संचार व्यवस्था ध्वस्त होने के कारण काम मुश्किल हो रहा है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने यात्रियों और उनके परिवारों के लिए टोल फ्री नंबर 1234 और पर्यटक पुलिस हॉटलाइन 1144 जारी किए हैं।

















