देहरादून : उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट ने भारत माता की रक्षा में बलिदान हुए वीर जवानों की मूर्तियां उनके गांवों में लगाए जाने का निर्णय लिया है। धामी कैबिनेट ने आजादी के बाद से अब तक देश रक्षा में बलिदान हुए 1845 वीर जवानों को सम्मान देने की दृष्टि से ये निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय की जानकारी सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला सर्वसम्मति से पास हुआ, बलिदानी जवानों के शौर्य को स्मरण किया गया है।
धामी सरकार बलिदानी सैनिकों की स्मृति में देहरादून में सैन्य धाम की स्थापना भी कर रही है , जिसमें बलिदानियों के घर-आंगन की मिट्टी को सैन्य धाम में सम्मान पूर्वक लाया गया है , यहां उन सभी बलिदानियों की शौर्य गाथाएं भी लिखी गई हैं। इसका अगले माह लोकार्पण किया जाएगा ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है उनकी सरकार का उद्देश्य शहीदों की वीरता और बलिदान की वीर गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। इस पहल से बलिदान सैनिकों की स्मृतियां सदैव जीवंत रहेंगी और युवाओं को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलेगी। उत्तराखंड देव भूमि के साथ साथ सैन्य भूमि भी है जिसपर पूरे भारत वर्ष को गर्व है।
अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल को मंजूरी
धामी कैबिनेट ने सेना सेवा कार्यकाल पूरा कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अग्निवीर रोजगार सेल बनाए जाने की घोषणा पर भी मुहर लगा दी। इसके लिए 6 पद सृजित किए गए हैं और ये सेल मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन कार्य करेगा।
देश का पहला राज्य
अग्निवीर रोजगार सेल का गठन करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का भी निर्णय लिया है। पूर्व कर्नल अजय कोठियाल ने धामी कैबिनेट के फैसले का स्वागत करते हुए बताया कि ये सेल अग्निवीरों को उनकी योग्यता अनुसार नई जॉब देने के मामलों में एक सेतु का काम करेगा। सिंगल विंडो सिस्टम से अग्निवीरों को आगे रोजगार मिलने में आसानी होगी।
उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस अग्निवीर रोजगार सेल की स्थापना की घोषणा की थी, जिसे पूरा किया गया है। सैनिक कल्याण मामलों के सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि यह सेल एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कार्य करेगा जोकि देश में अपनी तरह का अभिनव प्रयोग है।

















