महाराष्ट्र में नासिक की टीसीएस, पुणे की विप्रो आईटी कंपनियों के बाद हैदराबाद के माधापुर स्थित एक कंपनी से लव जिहाद और हिंदू महिला कर्मचारियों पर कन्वर्जन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। हिंदू संगठनों का दावा है कि कंपनी में महिला कर्मचारियों को प्रलोभन देकर उन पर कन्वर्जन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। एचआर टीम के सदस्य फिरोज और टीम लीडर अब्दुल अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और हिंदू महिलाओं को अपना धर्म बदलने के लिए धमका रहे हैं। उन्होंने इसे कॉर्पोरेट जिहाद का नाम दिया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता OnQ कंपनी के कार्यालय में पहुंचकर कर्मचारियों से कन्वर्जन के बदले लाभ दिए जाने के आरोपों पर सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं। हालांकि अभी तक इस मामले में पुलिस शिकायत या एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामला माधापुर स्थित OnQ India के कार्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों को कन्वर्जन के लिए प्रमोशन समेत कई अन्य तरह के प्रलोभन दिए जाते थे। यही नहीं कन्वर्जन के लिए तैयार होने वाली महिला कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने और इनकार करने वाली को यहां पर परेशान किया जाता था। कार्यकर्ताओं को कंपनी के कार्यालय में पहुंचकर वहां मौजूद टीम के सदस्यों से इस मामले को लेकर जवाब मांगते देखा गया। उन्होंने एचआर टीम के सदस्य फिरोज और टीम लीडर अब्दुल पर अपने पद का दुरुपयोग करने और महिला कर्मचारियों पर कन्वर्जन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। अभी तक कंपनी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
OnQ India की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी मेडिकल रेवेन्यू साइकिल मैनेजमेंट सहित विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक सेवाओं से जुड़ी है।
क्या है नासिक टीसीएस मामला
नासिक टीसीएस मामले की शुरुआत 26 मार्च 2026 को हुई थी। एक हिंदू पीड़िता ने नासिक के देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जुलाई 2022 से उसे शादी का झूठा वादा कर धोखा दिया गया, जिसके बाद इस मामले की जांच के लिए महिला पुलिसकर्मियों को कंपनी में बतौर कर्मचारी बनाकर भेजा गया। वहां रहते हुए उन्होंने सभी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी और आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठा किए। पुलिस के मुताबिक, टीसीएस कंपनी में जबरन कन्वर्जन, हिंदू महिलाओं के यौन शोषण और कार्यस्थल पर धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित नौ एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपियों में सात पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। निदा खान को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया था।
पुणे विप्रो कंपनी में जबरन कन्वर्जन का आरोप
इस साल जून में विप्रो टेक्नोलॉजी (Wipro Technologies) की पूर्व महिला कर्मचारी ने अपनी सहकर्मी शायना रफीक पर जबरन कन्वर्जन, कार्यस्थल पर भेदभाव, मुस्लिम शख्स के साथ संबंध बनाने और जबरदस्ती इस्तीफा दिलवाने का आरोप लगाया था। उसकी शिकायत के आधार पर हिंजवाड़ी पुलिस ने कंपनी को नोटिस भेजा था।

















